बारांबकी में दूरसंचार केंद्र सरयू में समाया: फर्रुखाबाद में कढ़ाही को बनाया नाव, प्रयागराज में लेटे हनुमान जी जलमग्न

✍️NNS Desk
बारांबकी में दूरसंचार केंद्र सरयू में समाया: फर्रुखाबाद में कढ़ाही को बनाया नाव, प्रयागराज में लेटे हनुमान जी जलमग्न

UP में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. 4 लाख की आबादी प्रभावित है. लखनऊ से सटे बाराबंकी में सरयू का कटान तेज हो गया है. मंगलवार को दूरसंचार केंद्र नदी में समा गया. फर्रुखाबाद में गंगा का पानी गांवों में घुस गया है. लोग बड़ी कढ़ाही को नाव बनाकर आवाजाही कर रहे है. 10 दिन के दौरान 15 मकान गंगा में समां चुके है.

प्रयागराज में हनुमान मंदिर अब पानी से घिरा हुआ है. 10वें दिन भी लेटे हनुमानजी जलमग्न हैं. कानपुर और उन्नाव में पांडू नदी का पानी बस्तियों में घुस गया है. गलियों में नावें चल रही हैं. बिजनौर में गंगा नदी के बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ रिहाइशी इलाके में पहुंच गया. गांव वालों ने उसे रस्सी से बांधकर वन विभाग को सौंप दिया. बलिया में सरयू की बाढ़ में कारें और बाइकें डूब गईं.

इधर, बुधवार सुबह से प्रयागराज, कौशांबी, भदोही समेत 10 शहरों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. पूर्वी यूपी के ज्यादातर शहरों में बादल छाए हैं जबकि, मध्य और पश्चिमी यूपी में धूप खिली है. आज 23 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. खराब मौसम की वजह से लखीमपुर, बरेली में 8वीं और वाराणसी में 5वीं तक के स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है.

प्रयागराज के संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर में बाढ़ का पानी अब भी भरा हुआ है. लगातार 10वें दिन लेटे हनुमान जी शयन अवस्था में हैं. मंदिर का गर्भगृह जलमग्न है. हालांकि, गंगा-यमुना का जलस्तर अब कम होने लगा है.प्रयागराज में बुधवार सुबह से झमाझम बारिश हो रही है. तेज हवाएं चल रही हैं. मौसम विभाग का कहना है आज दिन भर मौसम इसी तरह बना रह सकता है.

बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कटान तेज हो गया है. मंगलवार रात सरयू की तेज धारा ने बंद पड़े दूरसंचार केंद्र के भवन को अपनी चपेट में ले लिया. कुछ ही देर में पूरा भवन भरभराकर नदी में समा गया.

बिजनौर के रिहायशी इलाके में मंगलवार को मगरमच्छ दिखाई देने से हड़कंप मच गया. मगरमच्छ एक घर के पास नाले में दिखाई दिया. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया.

फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा नदियां उफान पर हैं. गंगा खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. रामगंगा चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है. लोग बड़ी कड़ाही को नाव बनाकर आवागमन कर रहे हैं. फर्रुखाबाद में कायमगंज, अमृतपुर, सदर तहसील बाढ़ से प्रभावित है. यहां 111 गांव पानी से घिरे हुए हैं. 23 हजार परिवार बाढ़ से परेशान हैं.

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- “यूपी में मानसून अब अपने अंतिम चरण में है. मध्य और पूर्वी यूपी के ज्यादातर जिलों में अगले 24 घंटे में बारिश का सिलसिला थम जाएगा. आम तौर पर यूपी से मानसून की वापसी सितंबर के तीसरे हफ्ते में होती है. इस बार भी हालात लगभग तय समय के आसपास ही मानसून वापसी की ओर इशारा कर रहे हैं.”

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