भारत में BRICS के मंच से पुतिन ने G-7 को धो डाला! बोले- दुनिया की सबसे बड़ी है हमारी इकोनॉमी

भारत की राजधानी नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 का आयोजन होने जा रहा है. BRICS Summit 2026 के पहले दिन पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में बोलते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS की बढ़ती ताकत को लेकर बड़ा दावा किया है. BRICS Business Forum को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि बदलती दुनिया में BRICS का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि BRICS की अर्थव्यवस्था फिलहाल दुनिया में सबसे बड़ी है.
पुतिन के इस बयान को दुनिया के बड़े आर्थिक और राजनीतिक गुटों के बीच BRICS की बढ़ती ताकत के तौर पर देखा जा रहा है. खासकर G7 जैसे प्रभावशाली समूह के सामने BRICS अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है.
बदलती दुनिया में बढ़ रहा BRICS का दबदबा: रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था तेजी से बदल रही है. ऐसे समय में BRICS के सदस्य देश लगातार मजबूत हो रहे हैं और समूह का वैश्विक प्रभाव भी बढ़ रहा है. पुतिन ने कहा कि BRICS देश समय के साथ अपनी ताकत और महत्व बढ़ा रहे हैं. उन्होंने समूह की आर्थिक क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि BRICS की अर्थव्यवस्था वर्तमान में दुनिया में सबसे बड़ी है.
G7 की 18 फीसदी, BRICS की करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी: इस दौरान पुतिन ने कहा कि G7 देशों की ग्लोबल इकोनॉमी में हिस्सेदारी लगभग 18 फीसदी रह गई है, वहीं BRICS देशों की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी है. उन्होंने BRICS को दुनिया का सबसे बड़ा आर्थिक समूह बताया. पुतिन ने G7 की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे नहीं पता कि वे उन्हें ऐसा क्यों कहते हैं. उनके इस बयान को G7 की घटती आर्थिक ताकत पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि BRICS दूसरे देशों के साथ सहयोग के लिए खुला है. उन्होंने समूह के सदस्य देशों के बीच और ज्यादा सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया.
पश्चिमी देशों पर लगाया दबाव बनाने का आरोप: पुतिन ने पश्चिमी देशों पर BRICS देशों को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि BRICS के पश्चिमी प्रतिद्वंद्वी अपनी पुरानी आर्थिक बढ़त वापस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं और यह संघर्ष अब सरकारी स्तर तक पहुंच गया है.
पुतिन ने रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों को भी गलत बताया. पुतिन ने दावा किया कि इन प्रतिबंधों के बाद भी रूस ने अपनी आर्थिक स्थिति को बनाए रखा है. उन्होंने बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के बीच BRICS देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत बताई.
पुतिन ने यह भी कहा कि अब ग्लोबल इकॉनमी पूरी तरह से बदल गई है, विकास को आगे बढ़ाने वाले नए कारक आ गए हैं. उन्होंने कहा कि वेस्टर्न ब्रिक्स कॉम्पिटिटर पुरानी लीडरशिप को वापस लाने की कोशिश करेंगे, और यह लड़ाई सरकारी लेवल पर एक कभी न खत्म होने वाला रूप ले रही है.
रूस पर लगाए गए 30,000 बैन लगाए- पुतिन पुतिन ने कहा कि पश्चिम अपनी आर्थिक बढ़त बनाए रखने के लिए सुविधाओं और पाइपलाइनों को सीधे तौर पर नष्ट करने का सहारा ले रहा है. साथ ही रूस के खिलाफ 30,000 बैन लगाए गए जो दुनिया के बाकी सभी देशों पर लगाए गए कुल प्रतिबंधों से दोगुने हैं. बता दें कि पुतिन ने ये बैन की बात पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों पर कही.
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत बिजनेस समुदाय की इस बैठक से हो रही है. इसमें शामिल देशों के कारोबारी आपसी संबंध और सहयोग बढ़ाने में लगातार दिलचस्पी दिखा रहे हैं. पुतिन ने कहा कि मजबूत कारोबारी रिश्ते और आर्थिक साझेदारी अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी हैं. इससे देशों के बीच संबंध मजबूत होते हैं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिलती है. उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया में बड़े और तेजी से बदलाव हो रहे हैं.
क्रीमिया के बाद रूस हुआ था G8 से बाहर: बता दें कि रूस कभी G8 का हिस्सा था. साल 2014 में क्रीमिया के विलय के बाद रूस को इस ग्रुप से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद यह ग्रुप फिर से G7 बन गया.
Latest से और खबरें

7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग, BRICS में होंगे शामिल; चीनी विदेश मंत्रालय ने खत्म किया सस्पेंस
10 सितंबर 2026
MCD के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अफसर सस्पेंड, सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार का पहला बड़ा ऐक्शन
7 सितंबर 2026
दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी इमारत, 1 छात्र की मौत 40 से ज्यादा के दबे होने की आशंका
6 सितंबर 2026