रामदेव ने ठोंका ब्रजभूषण शरण सिंह पर 50 करोड़ की मानहानि का दावा, पतंजलि घी को नकली कहा था

✍️NNS Desk
रामदेव ने ठोंका ब्रजभूषण शरण सिंह पर 50 करोड़ की मानहानि का दावा, पतंजलि घी को नकली कहा था

भाजपा के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह और बाब रामदेव की बीच अदावत बढ़ती हुई नजर आ रही है. भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह, एक नई कानूनी मुसीबत में घिरते हुए नजर आ रहे हैं. बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मानहानी का मुकदमा दायर किया है. पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर किया है.

कोर्ट में पहुंचा मामला: बता दें कि, मंगलवार 15 सितंबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई. इस मामले की सुनवाई के दौरान ब्रजभूषण शरण सिंह की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में वकालतनामा पेश करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की है. बता दें कि, ये मामला उस बयान से जुड़ा है, जिसमें ब्रजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि के घी को लेकर सवाल उठाए थे. साल 2022 में भी ब्रजभूषण शरण सिंह ने सार्वजनिक मंच से पतंजलि के घी को ‘नकली’ बताते हुए लोगों से घर में गाय या भैंस पालने की अपील की थी. उस समय भी उनके बयान को लेकर बाबा रामदेव और ब्रजभूषण के बीच विवाद सामने आया था.

पतंजलि ने किया ये दावा: पतंजलि फूड्स की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विक्रम मालवीय के अनुसार, सिंह के बयान से कंपनी की ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचा. कंपनी की ओर से यह भी दावा किया गया कि विवादित बयान के बाद उसके शेयर मूल्य पर असर पड़ा और कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी आधार पर पतंजलि फूड्स ने पहले जिला कोर्ट में 50 करोड़ रुपए की मानहानि का दावा पेश किया. कंपनी का कहना है कि सिंह के बयान सार्वजनिक रूप से प्रसारित हुए, जिससे उसके उत्पाद और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा.

जिला कोर्ट से हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला: मामले की शुरुआती सुनवाई जिला कोर्ट में हुई. कोर्ट की ओर से ब्रजभूषण शरण सिंह को नोटिस जारी किए गए थे. बाद में मामला ट्रायल के चरण में पहुंचा. सुनवाई के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को लेकर विवाद सामने आया. इन्हीं साक्ष्यों को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा. हाईकोर्ट में कंपनी की ओर से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से संबंधित दस्तावेज और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला भी पेश किया गया. पिछली सुनवाई में अदालत ने सिंह से मामले में जवाब मांगा था. मंगलवार को सुनवाई के दौरान सिंह की ओर से अधिवक्ता अदालत में उपस्थित हुए और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी.

पतंजलि फूड्स लिमिटेड का कार्यालय इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में स्थित है. कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी विजय नगर, इंदौर का पता दर्ज है. इसी वजह से कंपनी की ओर से मानहानि का मामला इंदौर में दायर किया गया है.

पुराना है ब्रजभूषण-पतंजलि विवाद: ब्रजभूषण शरण सिंह और पतंजलि समूह से जुड़ा विवाद नया नहीं है. 2022 में सिंह ने रामदेव और पतंजलि के उत्पादों को लेकर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाए थे. उस दौरान उन्होंने पतंजलि ब्रांड के नाम को लेकर भी आपत्ति जताई थी. इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच एक दूूसरे के खिलाफ बयानबाजी जारी रही है. अगस्त 2026 में भी ब्रजभूषण सिंह ने पतंजलि के उत्पादों और देश में मिल रहे कथित मिलावटी घी को लेकर रामदेव पर सवाल उठाए थे.

पतंजलि घी पर जब लगा था जुर्माना: बता दें कि, साल 2025 में पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पतंजलि के घी को लेकर एक बड़ा कदम उठाया था. दरअसल, मानकों के अनुसार घी न मिलने पर पतंजलि पर जुर्माना लगाया गया था. बता दें कि, पिथौरागढ़ में 2020 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पतंजलि के घी का नमूना जांच के लिए लिया था. पहली जांच में नमूना पास नहीं हुआ. इसके बाद कंपनी ने नमूना दोबारा जांच के लिए भेजा, लेकिन दूसरी जांच में भी घी मानकों के अनुसार नहीं पाया गया. इसके बाद कोर्ट में मामला दर्ज किया गया. जिसके बाद कोर्ट ने पतंजलि पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था.

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