राहुल बोले-मनुस्मृति कहती है लड़की पिता, पति, बच्चों की संपत्ति:यह शर्मनाक, महिलाओं को आजाद होना चाहिए

राहुल गांधी ने शनिवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कहा- देश की लड़कियों का आजाद होना जरूरी है. पिता, पति और बेटे से आपका रिश्ता अहि, लेकिन आपकी पहचान उनसे नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘आज में राजनीति की बात करने नहीं आया. आज आपको मौका दूंगा. आज आप बोलें, आप क्या सोचते हैं, क्या चाहते हैं. हम आपके विचारों को आपसे ही साझा करेंगे. उस पर चर्चा करेंगे.’
इस कार्यक्रम में सिर्फ छात्राएं शामिल हो रही हैं. उन्होंने राहुल-राहुल के नारे लगाए. पुलिस ने इस कार्यक्रम के लिए 30 शर्तों के साथ परमिशन दी है. इससे पहले उन्होंने कोटा में 17 जून, देहरादून में 17 जुलाई और प्रयागराज 8 अगस्त को छात्रों से बातचीत की थी. इस दौरान राहुल ने पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दे उठाए थे.
राहुल गांधी ने कहा,’मैं पुणे आपको कोई लेक्चर देने, अपनी राय बताने या आपसे राजनीति पर बात करने नहीं आया हूं, बल्कि आपको अपनी बात कहने, अपनी भावनाएं और विचार व्यक्त करने का मौका देने आया हूं. मैंने बस एक छोटा सा ढांचा और कुछ विचार तैयार किए हैं ताकि आप सोच सकें और अपनी बात रख सकें.’ उन्होंने कहा,’अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि ‘भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है?’ जब आप यह सवाल पूछते हैं तो आपको कई जवाब मिलते हैं. कोई हमारी अर्थव्यवस्था का नाम लेगा, कोई हमारी सेना का, तो कोई हमारे मेडिकल सिस्टम का. कोई हमारे लोगों का भी जिक्र कर सकता है, लेकिन भारत की सबसे बड़ी ताकत और हमारी सबसे बड़ी पूंजी क्या है, इसे लेकर मैं बिल्कुल स्पष्ट हूं और वह ताकत है 70 करोड़ अनोखे सफर, अनोखी कल्पनाएं और अनोखे सपने, जिन्हें भारत की महिलाएं जी रही हैं.’
हर एक व्यक्ति अनोखा है: राहुल ने आगे कहा,’आज शाम का मकसद वही है जो वहां लिखा है,’पिंजरा तोड़ो’, मैं सबसे पहले आपको एक बात याद दिलाना चाहता हूं. क्या मैं ऐसा कर सकता हूं? आप सभी को अपनी जिंदगी में बहुत सी बातें बताई गई होंगी, अच्छी बातें और बुरी बातें. आप में से कई लोगों को डर भी लगा होगा. कभी-कभी सड़क पर चलते हुए आपको डर लगता है. लगता है न? लेकिन मैं चाहता हूं कि आप एक बात याद रखें. अगर आज शाम की कोई एक बात आपको याद रहे, तो वह यह है: इस ब्रह्मांड में आप में से हर एक व्यक्ति अनोखा है.’
मनुस्मृति को लेकर राहुल का बड़ा दावा: राहुल गांधी ने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए कहा,’आप या तो मां हैं, पत्नी हैं या बेटी हैं और मैं यहां मनुस्मृति का जिक्र करना चाहूंगा, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि बचपन में महिला को अपने पिता के अधीन रहना चाहिए. जवानी में वह अपने पति की होती है. जब उसका पति मर जाता है, तो वह अपने बेटों की होती है. महिला को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए. यह मनुस्मृति का सीधा उद्धरण है. इस देश की सबसे बड़ी ताकत यह है कि हमारी महिलाएं स्वतंत्र हों, अपने लिए खड़ी हों और खुद पर विश्वास करें.’
महिलाएं सिर्फ बेटी, पत्नी और मां ही नहीं हो सकती- राहुल: राहुल गांधी ने कहा,’महिलाएं स्वभाव से पुरुषों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील, ज्यादा कोमल, ज्यादा दयालु और ज्यादा दूरदर्शी होती हैं. इसीलिए मेरा मानना है कि भारत की महिलाएं, चाहे युवा हों या बुजुर्ग भारत की सबसे बड़ी संपत्ति हैं. अब, एक समस्या है, एक बहुत बड़ी समस्या. जब भी मैं पुरुषों से बात करता हूं, तो पाता हूं कि महिलाओं को अक्सर तीन खानों में रखा जाता है. या तो उन्हें बेटी, पत्नी या मां के तौर पर देखा जाता है. पत्नी, बेटी या मां के तौर पर देखे जाने में कोई बुराई नहीं है. इसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन ये आपकी एकमात्र पहचान नहीं हो सकतीं.’
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