PM मोदी ने दिल्ली में संजय निषाद को खिलाई झालमुड़ी, ओपी राजभर भी साथ खड़े नजर आए

✍️NNS Desk
PM मोदी ने दिल्ली में संजय निषाद को खिलाई झालमुड़ी, ओपी राजभर भी साथ खड़े नजर आए

दिल्ली के भारत मंडपम में बुधवार को आयोजत एनडीए की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलग ही अंदाज में नजर आए. इस मौके पर प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल की मशहूर झालमुझ़ी का आनंद लेते दिखे. पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी ने खुद उन्हें झालमुड़ी बनाकर दी. पीएम मोदी का यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने लगा. वीडियो वह एनडीए में शामिल निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के कैबिनेट मंत्री डॉ.संजय निषाद को भी झालमुड़ी खिलाते दिख रहे हैं. वहां संजय निषाद के बगल में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में शामिल ओमप्रकाश राजभर भी खड़े थे. प्रधानमंत्री सहयोगी नेताओं के साथ हंसी-मजाक करते और झालमुड़ी का आनंद लेते नज़र आ रहे हैं.

यह वीडियो खुद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर साझा किया. वीडियो के साथ उन्होंने लिखा-‘आज एनडीए की बैठक में एनडीए के अन्य नेताओं के साथ झालमुड़ी साझा की.’

पीएम मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार के 12 साल पूरे: एनडीए की यह बैठक पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र की एनडीए सरकार के 12 साल पूरे करने के मौके पर हुई. इसी के साथ नरेंद्र मोदी देश में सबसे ज्यादा समय तक तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

बुधवार को दिल्ली के भारत मंडपम में हुई एनडीए की इस बैठक में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सीएम, डिप्टी सीएम और वरिष्ठ नेता शामिल हुए. इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और एनडीए गठबंधन के प्रमुख नेता शामिल रहे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कार्यकाल के मामले में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़े जाने को एनडीए के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है. भाजपा और सहयोगी दल पूरे देश में इसका जश्न मना रहे हैं। बुधवार को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेता, मंत्री और सांसद-विधायक ने अलग-अलग मंदिरों में दर्शन-पूजन किया. कई स्थानों पर भंडारे का भी आयोजन किया गया.

झालमुड़ी का क्या महत्व है? सियासत में झालमुड़ी की चर्चा हाल ही में पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान शुरू हुई थी. बंगाली स्ट्रीट फूड के रूप में जानी जाने वाले झालमुड़ी वेस्ट बंगाल चुनाव के दौरान अचानक एक राजनीतिक प्रतीक बन गई. चुनाव दौरान झारग्राम में पीएम मोदी एक झालमुड़ी स्टॉल पर रुके थे और भाजपा ने इसे स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव के संदेश के रूप में पेश किया था. बाद में पीएम मोदी ने इसका जिक्र अपने चुनावी अभियान के दौरान भी किया था और बुधवार को एक बार फिर दिल्ली में भारत मंडपम में एनडीए की बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा बनाई गई झालमुड़ी खुद खाई. इसके बाद उन्होंने एनडीए में शामिल अन्य नेताओं को झालमुड़ी खिलाई भी और इस तरह एक साथ कई संदेश देने की कोशिश की.

दिल्ली से और खबरें