सोनम वांगचुक नहीं तोड़ेंगे अनशन, जंतर-मंतर पर फिर से जुटने लगी भीड़; RAF अलर्ट मोड पर

✍️NNS Desk
सोनम वांगचुक नहीं तोड़ेंगे अनशन, जंतर-मंतर पर फिर से जुटने लगी भीड़; RAF अलर्ट मोड पर

कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आज घोषणा की कि वह तब तक अपना अनशन जारी रखेंगे, जब तक युवा नेताओं को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या वे दिल्ली के उस अस्पताल में नहीं आ जाते, जहां उन्हें भर्ती कराया गया है.

वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि आंगमो ने सोशल मीडिया पर अपने पति का हाथ से लिखा मैसेज साझा किया, जिसमें उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त की थी. यह समूह नीट-यूजी पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है.

वांगचुक ने नोट में क्या कहा? वांगचुक के इ्ंस्टा अकाउंट से हाथ से लिखा एक नोट शेयर किया गया है, जिसपर सोनम वांगचुक के हस्ताक्षर हैं. नोट में लिखा है, “मैं अपना अनशन जारी रखूंगा (दिन 23)। शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस क्रूरता से व्यवहार किया जा रहा है, उसे देखते हुए मैंने फैसला किया है कि मैं अपना अनशन तब तक जारी रखूंगा जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या मुझे यहां अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती.”

लद्दाख के कार्यकर्ता ने कहा, “उम्मीद है कि सरकार इससे पहले शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी. युवाओं ने उकसावे के बावजूद जिस तरह शांति बनाए रखी है, उससे मैं बहुत प्रभावित और भावुक हूं। मैं सरकार और पुलिस से अपील करता हूं कि वे छात्रों को आज या कल संसद के सामने अपनी शिकायतें रखने की अनुमति देकर इस मुद्दे को हल करें।” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रदर्शनकारी “कल भी उतना ही धैर्य और सहनशीलता दिखाएंगे जितना उन्होंने आज दिखाया.”

CJP और सरकार की क्या हुई बातचीत? वांगचुक का मैसेज ऐसे समय पर आया, जब कुछ देर पहले ही केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीजेपी के सदस्यों सौरभ दास और आशुतोष रांका ने एक बैठक की थी. सीजेपी सदस्यों ने सरकार को कई मांगें सौंपीं, जिनमें नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक के लिए जवाबदेही भी शामिल थी. यह मुलाकात सीजेपी के ‘चलो संसद मार्च’ के दौरान हुई.

जंतर-मंतर पर फिर बढ़ने लगी भीड़: संसद मार्च के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ भारी संघर्ष के बाद एक बार फिर जंतर-मंतर पर भीड़ बढ़ने लगी है.

ताजा जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनस्थल के बाहर करीब 200-250 लोगों की भीड़ जुट गई है और फिर से नारेबाजी शुरू हो गई है.

उधर रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान लोगों को प्रदर्शनस्थल पर प्रवेश करने से रोकने के लिए अलर्ट मोड में तैनात हैं, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ रही है.

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