UPNEWS : ‘ओवर-स्मार्ट’ बिजली मीटर पर बवाल: मेरठ में महिलाओं का हंगामा, मीटर उखाड़कर बिजलीघर में फेंके

✍️By: Nation Now Samachar Desk
‘ओवर-स्मार्ट’ बिजली मीटर पर बवाल: मेरठ में महिलाओं का हंगामा, मीटर उखाड़कर बिजलीघर में फेंके

UPNEWS : उत्तर प्रदेश के मेरठ से बिजली व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शहर के कई इलाकों में स्मार्ट बिजली मीटर के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। खासतौर पर महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अपने घरों में लगे मीटर उखाड़कर बिजलीघर तक पहुंचा दिए।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि नए लगाए गए स्मार्ट या प्रीपेड बिजली मीटर उनके लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। उनका कहना है कि इन मीटरों के जरिए पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा बिल आ रहा है। कुछ महिलाओं ने दावा किया कि जहां पहले उनका बिजली बिल सामान्य आता था, वहीं अब यह दो से तीन गुना तक बढ़ गया है।

— NATION NOW समाचार (@nnstvlive) April 28, 2026

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि गुस्से में आकर अपने घरों के मीटर तक उखाड़ दिए। इसके बाद वे समूह में बिजलीघर पहुंचीं और वहां इन मीटरों को फेंककर विरोध दर्ज कराया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रीपेड सिस्टम के कारण उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। जैसे ही बैलेंस खत्म होता है, तुरंत बिजली सप्लाई बंद हो जाती है। कई बार रिचार्ज करने के बाद भी बिजली बहाल होने में काफी समय लग जाता है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।इस प्रदर्शन में कुछ स्थानीय राजनीतिक नेताओं का भी समर्थन देखने को मिला। उन्होंने लोगों की शिकायतों को जायज बताते हुए बिजली विभाग से तुरंत समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मीटर की जांच और सुधार नहीं किया जाता, तब तक वे इस तरह का विरोध जारी रखेंगे।

वहीं, बिजली विभाग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर पारदर्शिता और सही बिलिंग के लिए लगाए गए हैं। विभाग का दावा है कि इन मीटरों में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होती है, लेकिन अगर किसी उपभोक्ता को समस्या है तो उसकी जांच की जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, स्मार्ट मीटर का उद्देश्य बिजली खपत को अधिक सटीक तरीके से मापना और उपभोक्ताओं को रियल-टाइम जानकारी देना है। लेकिन कई जगहों पर तकनीकी खामियों, नेटवर्क समस्याओं या उपयोगकर्ताओं की जानकारी की कमी के कारण विवाद खड़े हो रहे हैं।मेरठ की यह घटना दिखाती है कि नई तकनीक को लागू करते समय उपभोक्ताओं की समझ और सुविधा का ध्यान रखना कितना जरूरी है। यदि लोगों को सही जानकारी और भरोसा नहीं मिलेगा, तो इस तरह के विरोध सामने आते रहेंगे।फिलहाल प्रशासन और बिजली विभाग के सामने चुनौती यह है कि वे लोगों की शिकायतों का जल्द समाधान करें और स्थिति को सामान्य बनाएं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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