मंगल भवन की कमेटी भंग करने पर भड़कीं महापौर, बोलीं- शासन में शिकायत करेंगी

कानपुर में बेनाझावर के ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क में बने मंगल भवन की कमेटी भंग किए जाने को लेकर गुरुवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने नगर आयुक्त के फैसले पर नाराजगी जताई. प्रेस कॉन्फ्रेंस में महापौर ने कहा कि कमेटी को भंग करने का निर्णय नगर निगम की कार्यकारिणी और सदन की स्वीकृति के बिना लिया गया है, जो पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत शासन से की जाएगी.
महापौर ने बताया कि मंगल भवन में अब तक करीब 100 शादियां हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि इसके निर्माण और संचालन से जुड़े कार्यों में कुछ भी गलत नहीं किया गया है. हर काम के लिए कानूनी सलाह ली गई थी. इसके बावजूद कमेटी को निरस्त किया जाना उचित नहीं है.
सर्किट हाउस में आयोजित सीएम ग्रिड की बैठक में महापौर प्रमिला पांडेय ने शहर की सड़कों की बदहाली को लेकर नगर निगम के अफसरों पर जमकर नाराजगी जताई. यूरिडा के सीईओ की मौजूदगी में महापौर ने सांसद रमेश अवस्थी की टिप्पणी का जिक्र करते हुए अधिकारियों से कहा कि अगर जनता की गालियां हमें सुननी पड़ रही हैं तो आप भी इसके लिए तैयार रहें. उन्होंने सवाल उठाया कि जब शासन से सड़कों के लिए पैसा मिल चुका था तो समय रहते काम क्यों नहीं कराया गया.
‘अफसर फील्ड में उतरते तो शहर की ऐसी हालत नहीं होती’: शहर में जर्जर सड़कों और जलभराव के मुद्दे पर महापौर ने अधिकारियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अफसर फील्ड में नहीं उतरते और शहर की बदहाली का पूरा ठीकरा महापौर पर फोड़ दिया जाता है. उन्होंने कहा कि शहर की समस्याओं के लिए महापौर अकेले जिम्मेदार नहीं हैं. अगर अधिकारी अपने कार्यालयों से बाहर निकलकर मौके पर निरीक्षण करते तो शहर की स्थिति इतनी खराब नहीं होती.
हम गाली खा रहे तो आप भी तैयार रहें- महापौर महापौर ने नगर आयुक्त से कहा कि जनता सड़कों को लेकर जनप्रतिनिधियों से सवाल करती है और उन्हें जवाब देना पड़ता है. ऐसे में अफसरों को भी बताना होगा कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद एक साल तक सड़कें क्यों नहीं बन सकीं. उन्होंने कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और अधिकारी बताएं कि इतने समय तक क्या किया गया.
तालाबों पर कब्जों की वजह से हो रहा जलभराव: महापौर ने जलभराव का बड़ा कारण शहर के तालाबों पर हुए कब्जे को बताया. उन्होंने दावा किया कि करीब 312 तालाबों पर कब्जा हो चुका है और उनका कोई पता नहीं है. कल्याणपुर के एक तालाब से कब्जा हटाने का मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने भी उठाया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने मंडलायुक्त और केडीए से तालाबों को चिह्नित कर कब्जामुक्त कराने की मांग की. साथ ही केडीए उपाध्यक्ष से टीम गठित कर कार्रवाई करने को कहा.
फील्ड में नहीं निकल रहे अधिकारी: महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों पर फील्ड में नहीं निकलने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने चैंबर से बाहर निकलकर शहर की स्थिति देखें. 15वें वित्त आयोग की कमेटी की अध्यक्ष होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि नगर आयुक्त उनसे शहर में गड्ढों की समस्या के लिए अलग बजट की मांग करते तो वह बजट उपलब्ध कराने की कोशिश करतीं. महापौर ने कहा कि शहर में जलभराव और सड़कों के गड्ढों के लिए उनके ऊपर जिम्मेदारी डाली जा रही है, जबकि अधिकारियों को भी इसकी जवाबदेही लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को मौके पर जाकर काम करना होगा.
उत्तर प्रदेश से और खबरें

चकेरी में रेलवे ट्रैक पर दो हिस्सों में बंटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, रोकना पड़ा कालका-मुरी जैसी सुपरफास्ट ट्रेनें
24 सितंबर 2026
बैटरी खत्म होने पर बेबस हुई ई-बस, ट्रैक्टर से खींचा गया; जा रही थी कानपुर के रामादेवी की ओर
24 सितंबर 2026
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व महासचिव चंपत राय अब आरोपी नहीं, गवाह बनेंगे
24 सितंबर 2026