फिरोजाबाद में टायर फैक्ट्री में भीषण आग, 5Km दूर से दिखीं लपटें; बाल-बाल बचे 30 फंसे मजदूर

✍️NNS Desk
फिरोजाबाद में टायर फैक्ट्री में भीषण आग, 5Km दूर से दिखीं लपटें; बाल-बाल बचे 30 फंसे मजदूर

UP के फिरोजाबाद में टायर से ऑयल निकालने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. टायर और ऑयल की वजह से 30-40 फीट लपटें उठने लगीं। धुएं का गुबार करीब 5 किमी दूर तक दिखाई देने लगा.

कुछ ही पलों में आग बेकाबू हो गई. फैक्ट्री में काम कर रहे 30 लोग भागकर बाहर आए. मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आसपास का इलाका खाली कराया. धुएं की वजह से सांस लेना मुश्किल हो गया. फायर फाइटर्स ने मास्क लगाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की. पुलिस ने आसपास के इलाके में बैरिकेडिंग कर दी.

आग को फैलने से रोकने के लिए 3 जेसीबी की मदद से फैक्ट्री परिसर और आसपास रखे टायरों को हटाया गया. करीब ढाई घंटे बाद फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया. आग से 60 टन टायर जलकर राख हो गया. अभी नुकसान का आकलन नहीं हो सका है. हादसा रविवार दोपहर करीब 3 बजे उरमुरा किरार गांव में हुआ.

फैक्ट्री में भरे टायरों से तेजी से फैली आग: फैक्ट्री में बड़ी संख्या में पुराने टायर और ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई. मौके पर शिकोहाबाद फायर ब्रिगेड प्रभारी के साथ मुख्य अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडे पहुंचे. फिलहाल आग लगने के कारण की जांच की जा रही है. अभी नुकसान का आकलन नहीं हो सका है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस फैक्ट्री में साल 2025 में भी इसी तरह भीषण आग लग चुकी है. इसके बावजूद दोबारा आग लगने की घटना ने फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

5 बीघा खेत में फैली है टायर फैक्ट्री: जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर उरमुरा किरार गांव में एसबीएल नाम से 5 साल से टायर फैक्ट्री है. इसके मालिक वृंदावन के रहने वाले बासु अग्रवाल हैं। शिकोहाबाद गांव से करीब 600 मीटर की दूर 5 बीघा जमीन में फैक्ट्री बनी है.

रविवार को आग सबसे पहले टीन के नीचे बने हिस्से में लगी. यहां मशीनों में टायर जलाकर तेल निकाला जा रहा था. इस जगह से करीब 500 मीटर दूर 300 टन टायर रखे हुए थे. अगर आग वहां तक पहुंच जाती, तो और बड़ा हादसा हो सकता था.

30 मजदूर अंदर थे, 60 टन टायर जले: आग लगने के समय फैक्ट्री में करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे. फैक्ट्री में रखे करीब 60 टन टायर जल गए हैं. टायर जलाने से निकलने वाला तेल फैक्ट्री से बाहर भेजा जाता है. इसका इस्तेमाल सड़क बनाने के काम में किया जाता है.

सीएफओ सत्येंद्र पांडे ने बताया- ढाई बजे हमें जानकारी मिली थी. आग लगने का कारण अभी साफ नहीं हो सका है. ​जहां आग लगी, वहां पंप खराब हो गया है. इसलिए पानी नहीं मिल पा रहा है। कोई कैजुअल्टी नहीं है. शुरुआती आशंका है कि मशीन में टायर जलाए जा रहे थे. इसी दौरान निकली चिंगारी से आग लगी होगी. 

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