कानपुर देहात: जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कलेक्ट्रेट में सुनी जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश

हिमांशु शर्मा की रिपोर्ट कानपुर देहात: जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं प्रस्तुत कीं।जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न तहसीलों, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए फरियादियों ने भूमि विवाद, पेंशन, राशन, बिजली, पानी और अन्य प्रशासनिक समस्याओं से जुड़ी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना।

त्वरित समाधान के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी भी अधिकारी की लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया गया, तो उसके खिलाफ जिम्मेदारी तय की जाएगी।
शिकायतकर्ताओं को नियमित जानकारी देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरण की स्थिति की नियमित जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि जब नागरिकों को समय-समय पर अपने आवेदन की प्रगति की जानकारी मिलती है, तो प्रशासन पर उनका विश्वास और अधिक मजबूत होता है।
आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा
बैठक में जिलाधिकारी ने शासन की प्राथमिकता योजनाओं के तहत संचालित IGRS Portal की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पोर्टल पर लंबित कोई भी शिकायत नहीं रहनी चाहिए और सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य रूप से किया जाए।उन्होंने कहा कि आईजीआरएस प्रणाली का उद्देश्य ही जनता की शिकायतों का प्रभावी समाधान करना है, इसलिए इसकी कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत और उत्तरदायी बनाया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ाव
जनसुनवाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिले के सभी संबंधित अधिकारी, उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Zoom) के माध्यम से भी जुड़े रहे। इससे दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं को भी तुरंत सुना और समझा जा सका।
प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर
इस पूरे आयोजन का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाना और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है।उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसे केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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