‘नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनी हाई पावर टास्क फोर्स’, परीक्षा सुधारों पर PM मोदी का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक और दीर्घकालिक सुधारों की सिफारिश करने को लेकर बड़ा फैसला किया है. टेक कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अगुवाई में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की है. यह कदम छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है.
वीडियो संदेश में क्या? सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने विस्तार से बताया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए कई ठोस कदम उठा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियां कीं, वे अब जेल की सलाखों के पीछे हैं. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.
फास्ट-ट्रैक कोर्ट कोड लागू: प्रधानमंत्री ने सरकार द्वारा अब तक उठाए गए उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र पहले ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट कोड लागू कर चुका है, जिससे परीक्षा से जुड़ी धांधलियों के मामलों का तेजी से निपटारा हो सके. इसके अलावा, सरकार परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से निपटने के लिए संसद में कड़े नियमों और प्रावधानों वाला एक नया व्यापक कानून लाने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है. यह कानून भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने में मददगार साबित होगा.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सिर्फ अस्थायी उपायों से नहीं, बल्कि स्थायी और आधुनिक तरीके से मजबूत बनाने पर ध्यान दे रही है. उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी के अधिक से अधिक उपयोग को सुनिश्चित करते हुए परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह भरोसेमंद, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं. डिजिटल समाधानों, उन्नत निगरानी तंत्र और तकनीकी नवाचारों के जरिए परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है.
टास्क फोर्स में कौन-कौन?
➤प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी
➤पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ
➤पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका
➤आईआईटी मद्रास निदेशक वी. कामकोटि
➤पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल.
छात्र आंदोलन के बाद बड़ा फैसला: पीएम मोदी के अनुसार, यह टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर ध्यान केंद्रित करेगी और जल्द से जल्द अपनी सिफारिशें देगी. सरकार आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए पैनल की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाएगी. बता दें कि सरकार ने यह फैसला छात्र आंदोलन के बाद लिया है. इससे पहले शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
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