हमीरपुर :स्मार्ट मीटर कैंप बना विरोध का मंच: हजारों के बिल से भड़के उपभोक्ता, मौके पर हंगामा

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के राठ कस्बे में आयोजित स्मार्ट मीटर जागरूकता अभियान उस समय विरोध के मंच में बदल गया, जब बड़ी संख्या में पहुंचे उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस महाकैंप का उद्देश्य जहां एक ओर लोगों को स्मार्ट मीटर के फायदे और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देना था, वहीं दूसरी ओर यह कार्यक्रम उपभोक्ताओं की समस्याओं और नाराजगी का केंद्र बन गया।

कैंप में नगर और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। अधिकांश उपभोक्ताओं की मुख्य शिकायत बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर थी। लोगों का कहना था कि उनके मीटर या तो खराब हैं या सही रीडिंग नहीं दे रहे, लेकिन इसके बावजूद विभाग द्वारा मनमाने तरीके से हजारों रुपये के बिल भेजे जा रहे हैं।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि उनके घरों में बिजली की खपत सामान्य होने के बावजूद बिल असामान्य रूप से अधिक आ रहे हैं। इससे आम जनता आर्थिक रूप से परेशान हो रही है और विभाग के प्रति आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
कैंप के दौरान कई उपभोक्ताओं ने अपने बिलों की प्रतियां दिखाकर अधिकारियों से जवाब मांगा। इस दौरान माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण भी हो गया और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। लोगों की मांग थी कि खराब मीटरों को तुरंत बदला जाए और गलत बिलों को संशोधित किया जाए।स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्रा ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने उपभोक्ताओं को शांत कराने का प्रयास किया और उनकी सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर खराब हैं, उनकी जांच कर जल्द ही उन्हें ठीक किया जाएगा या बदला जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिन मामलों में बिलों में गड़बड़ी पाई जाएगी, उन्हें संशोधित कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी शिकायतें लिखित रूप में दर्ज कराएं, ताकि उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा सके।हालांकि, उपभोक्ताओं का कहना है कि इस तरह के आश्वासन पहले भी दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में लोगों का भरोसा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि स्मार्ट मीटर जैसी आधुनिक योजनाओं को लागू करने से पहले उनकी तकनीकी खामियों और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना बेहद जरूरी है। यदि इन मुद्दों को समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो आने वाले समय में इस तरह के विरोध और भी बढ़ सकते हैं।फिलहाल, विद्युत विभाग ने सभी शिकायतों की जांच का भरोसा दिया है। अब देखना यह होगा कि विभाग अपने वादों पर कितना खरा उतरता है और उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत कब तक मिल पाती है।
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