कानपुर में नवरात्र के पहले दिन उमड़ी भीड़, जयकारों से गूंजे देवी धाम; तपेश्वरी मंदिर में जलाए गए 506 दीपक

कानपुर में नवरात्र के पहले दिन रविवार को शहर के देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी. सुबह से ही मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया. बिरहाना रोड स्थित तपेश्वरी मंदिर में भक्तों की भीड़ के बीच पूरा परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा.
इसके अलावा जूही स्थित बारह देवी मंदिर, घाटमपुर के कुष्मांडा देवी मंदिर और कल्याणपुर स्थित आशा देवी मंदिर में भी सुबह से भक्तों की कतारें लगी रहीं. लाल बंगला और बंगाली मोहाल स्थित काली मंदिर में भी श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचे. मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ भक्तों ने परिवार की खुशहाली और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की.
मां शैलपुत्री की आराधना और विधि-विधान से घटस्थापना के साथ ही शहर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा. इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हुआ है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और कृषि के लिए बेहद शुभ संकेत माना जा रहा है.
प्रमुख मंदिरों में उमड़े भक्त: नवरात्र के पहले दिन बिरहाना रोड स्थित तपेश्वरी मंदिर, जूही स्थित ऐतिहासिक बारादेवी मंदिर, किदवईनगर के जंगली देवी मंदिर, गोविंद नगर दुर्गा मंदिर, शास्त्रीनगर स्थित काली मठिया और हटिया के बुद्धा देवी मंदिर में सुबह चार बजे से ही कपाट खोल दिए गए. तपेश्वरी मंदिर के मुख्य पुजारी शिव मंगल ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन और अष्टमी को मंदिर के पट सुबह चार बजे खुले.

जूही स्थित बारह देवी मंदिर
दुर्गा मंदिरों में विशेष सजावट की गई: रात 12:30 बजे तक भक्त दर्शन कर सकेंगे वहीं, बारादेवी मंदिर की प्रबंधक रूपम शर्मा ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है. बंगाली मोहाल काली मंदिर, हरजिंदर नगर काली बाड़ी और गुजरैनी के दुर्गा मंदिरों में भी विशेष सजावट की गई है.
अभिजीत मुहूर्त में हुई कलश स्थापना: ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार, पहले दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के चलते कलश स्थापना के लिए विशेष मुहूर्त का ध्यान रखा गया। श्रद्धालुओं ने सुबह 11:36 से दोपहर 12:24 बजे के अभिजीत मुहूर्त और चौघड़िया मुहूर्त में घरों व मंदिरों में घटस्थापना की.

नवरात्र को लेकर मंदिरों के आसपास पूजन सामग्री की दुकानें भी सज गई हैं. फूल, चुनरी, नारियल और प्रसाद की दुकानों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही. हाथों में पूजा की थाली लिए भक्त माता के जयकारे लगाते हुए मंदिरों तक पहुंचे. पहले दिन शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला.
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