जालौन : अवैध खनन का आरोप, कुरौना गाटा 317 में दिनदहाड़े मशीनों से खुदाई, NGT नियमों की उड़ रही धज्जियां

स्थान: जालौन संवाददाता: प्रवीण कुमार मिश्रा जालौन। जनपद जालौन के उरई क्षेत्र स्थित कुरौना गाटा संख्या 317 मि., खंड संख्या 3 में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता विनोद यादव के संरक्षण में प्रतिबंधित मशीनों से दिनदहाड़े “लाल सोना” यानी बालू का अवैध खनन कराया जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि खनन कार्य में पोकलैंड और प्रतिबंधित लिफ्टर मशीनों का खुलेआम प्रयोग हो रहा है, जबकि National Green Tribunal (NGT) के नियमों के अनुसार नदी क्षेत्र में मशीनों से खनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद आधा दर्जन से अधिक हैवी मशीनें लगातार संचालित होने का दावा किया जा रहा है।

हमीरपुर सीमा तक फैला खनन का दायरा
ग्रामीणों के अनुसार, जालौन में आवंटित गाटा संख्या के नाम पर खनन का दायरा पड़ोसी जनपद Hamirpur की सीमा तक बढ़ा दिया गया है। आरोप है कि सीमाओं की अनदेखी कर बालू निकासी की जा रही है, जिससे सरकार को राजस्व हानि के साथ-साथ पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो रहा है।स्थानीय लोगों ने संयुक्त प्रशासनिक जांच की मांग उठाई है, ताकि जालौन–हमीरपुर सीमा पर चल रहे कथित अवैध खनन की सच्चाई सामने आ सके।
बेतवा नदी की धारा मोड़ने का गंभीर आरोप
सबसे गंभीर आरोप यह है कि खनन को आसान बनाने के लिए Betwa River की जलधारा तक को मोड़ दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में मकड़जाल जैसी अस्थायी संरचनाएं बनाकर प्राकृतिक प्रवाह को बाधित किया गया है।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि नदी की धारा में कृत्रिम बदलाव किया जाता है तो यह पर्यावरण संरक्षण कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन माना जाता है। इससे जलस्तर, जैव विविधता और आसपास की कृषि भूमि पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
योगी सरकार की नीति पर उठे सवाल
प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने वाले मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की “जीरो टॉलरेंस” नीति के बावजूद जालौन–हमीरपुर सीमा पर इस तरह की गतिविधियां जारी रहने से प्रशासनिक कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो मामला कानून-व्यवस्था और पर्यावरणीय संकट का रूप ले सकता है।
खनिज विभाग की भूमिका पर भी सवाल
स्थानीय लोगों ने खनिज विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कुरौना गाटा संख्या 317 मि., खंड संख्या 3 में लंबे समय से धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन है।ग्रामीणों व सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि जालौन और हमीरपुर प्रशासन संयुक्त टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
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