बंगाल में बस ड्राइवर के घर से निकला 15 KG सोना और 20 करोड़ कैश, अफसरों की आंखें चौंधियाईं

✍️NNS Desk
बंगाल में बस ड्राइवर के घर से निकला 15 KG सोना और 20 करोड़ कैश, अफसरों की आंखें चौंधियाईं

देश में जब जब भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हैं, तो नागरिक यही सोचता है कि अब इससे ज्यादा बुरा और क्या ही हो सकता है. हालांकि, भ्रष्टाचार करने वाले भी कम नहीं हैं. वे बार-बार अपने काले करतूतों को अंजाम देकर अपना भ्रष्टाचारी स्टैंडर्ड बढ़ाते रहते हैं. जनता, पुलिस और प्रशासन फिर वही सिर पर हाथ धरकर बैठी रह जाती है. ऐसा ही एक मामला बंगाल में देखने को मिला है.

बंगाल के बीरभूम में पुलिस को एक मामूली से घर के अंदर कुछ ऐसा मिला, जिसे देख खुद उनकी आंखें भी फटी की फटी रह गई. मामला इतना बड़ा था कि जांच करने के लिए उन्हें 5 भारी टिन के बक्से, 5 कैश काउंटिंग मशीन और कई घंटे लग गए.

15 किलो गोल्ड और 20 करोड़ कैश बरामद : ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने पत्थर व्यापारी टुलू मंडल की पत्नी का भाई और पूर्व सरकारी बस ड्राइवर मीनार मंडल के घर से तकरीबन 15 किलो गोल्ड के बिस्कुट और 20 करोड़ कैश कुल 35 बोरियों में पैक किए. पुलिस ने गुप्त जानकारी मिलने के बाद मंगलवार ( 28 जुलाई 2026) की देर रात देउचा क्षेत्र में मीनार के घर पर छापा मारा. यह पत्थर के व्यापार से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा था.

बक्सों में भरा खजाना: एक आम बस ड्राइवर के लिए घर का खर्च पूरा कर पाना ही मुश्किल हो जाता है. ऐसे में इसी बिरादरी के एक शख्स के घर से भारी दौलत को गिनना पुलिस के लिए किसी बड़े अपराधी को पकड़ने जैसा था.

नोटों की गड्डी और बेहिसाब गोल्ड को देख पुलिस ने फटाफट नोट गिनने वाली 5 मशीनें मंगवाई गईं. घंटों तक मशीनों की गड़गड़ाहट के साथ नोटों की गिनती का सिलसिला जारी रहा. वहीं पूरे खजाने को समेटने के लिए पुलिस ने लोहे के 5 बड़े और भारी बक्से मंगवाए. इन सब के बीच सवाल खड़ा हुआ कि आखिर एक बस ड्राइवर के घर इतना कैश और गोल्ड आया कहां से?

भ्रष्टाचार का पर्दाफाश: पुलिस के मुताबिक, घटना के तार स्टोन इंडस्ट्री के काले कारोबार से जुड़े हैं. टुलू मंडल की एजेंसी पर 3 जिलों के स्टोन इंडस्ट्रू के एंट्री गेट से टैक्स वसूलने का आरोप है. इसके हर महीने सरकारी खजाने में 83 करोड़ रुपए जमा होने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार को केवल 2-5 करोड़ रुपए दिखाए जाते थे. बाकी की गाढ़ी कमाई का जवाब इन 35 बोरियों के अंदर बंद था. पुलिस ने भ्रष्टाचार के इस भयानक उदाहरण के मामले की जांच करने की बात कही है. कैश और गोल्ड के सोर्स के साथ-साथ संभावित वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है.

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