UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लेखपाल सुधीर कुमार के घरवालों से की मुलाकात, दिया 2 लाख का सहयोग,BLO की मौतों पर सरकार से मांगी जवाबदेही

UP: अखिलेश यादव ने लेखपाल सुधीर के परिवार को दिए 2 लाख, बोले—“BLO की मौतों पर सरकार जवाब दे”; शादी से एक दिन पहले की थी सुसाइड

सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को मृतक लेखपाल सुधीर कुमार के परिवार से मुलाकात की। सुधीर कुमार ने शादी से एक दिन पहले तनाव के चलते आत्महत्या कर ली थी। परिवार का आरोप है कि छुट्टी नहीं मिलने और अत्यधिक वर्कलोड के कारण वह मानसिक दबाव में थे। अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी और आश्वासन दिया कि समाजवादी पार्टी आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी।

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अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में BLO और लेखपाल अत्यधिक कार्यभार, प्रशिक्षण की कमी और लगातार दबाव के कारण असामयिक मौत का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि,
“बिना ट्रेनिंग दिए इन्हें चुनावी काम पर लगा दिया जाता है। जितने भी BLO मरे हैं, उनके परिवारों के लिए हम लोकसभा में सरकारी नौकरी की मांग करेंगे।”

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शादी से एक दिन पहले की थी सुसाइड

जानकारी के अनुसार, सुधीर कुमार की शादी 26 नवंबर तय थी और परिवार में तैयारियां चल रही थीं। लेकिन सुधीर को छुट्टी नहीं मिल पा रही थी और चुनावी कार्यों में लगातार दबाव बढ़ रहा था। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थे। शादी से ठीक एक दिन पहले उन्होंने यह कदम उठा लिया, जिससे परिवार सदमे में है।

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अखिलेश यादव ने प्रशासन से मांग की कि सभी BLO और फील्ड कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण, समय पर छुट्टी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी कर्मचारी काम के बोझ के कारण जान न गंवाए।

सरकार से मुआवजे और नौकरी की मांग

सपा प्रमुख ने मांग की कि मृतक सुधीर कुमार के परिवार को उचित मुआवजा, उसकी बहन/पत्नी में से किसी एक को सरकारी नौकरी और परिवार के भरण-पोषण की गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद और विधानसभा में मजबूती से उठाएगा।इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में BLO और लेखपालों की कार्य-परिस्थितियों को लेकर बहस तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार से मांग की है कि चुनावी कार्यों में तैनात फील्ड स्टाफ को पर्याप्त प्रशिक्षण और सहूलियतें दी जाएं, ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।

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