शेख हसीना को मौत की सजा: बांग्लादेश ICT ने मानवता के खिलाफ अपराध में दोषी ठहराया

Sheikh Hasina sentenced to death: Bangladesh ICT chief convicted of crimes against humanity

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है। जस्टिस गुलाम मुर्तजा की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने 400 पन्नों में फैला ऐतिहासिक फैसला छह हिस्सों में सुनाया। इस मामले में शेख हसीना के साथ पूर्व गृह मंत्री और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (IGP) को भी फांसी की सजा दी गई है।

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फैसला आने के बाद ढाका समेत कई शहरों में तनाव बढ़ गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है और राजधानी को सैन्य सुरक्षा घेरे में रखा गया है। ICT ने अपने निर्णय में कहा कि हसीना के शासनकाल के दौरान विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया गया, मनमाने ढंग से हिरासत, राजनीतिक दमन और मानवाधिकारों का उल्लंघन बड़े पैमाने पर हुआ, जिसे “मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध” की श्रेणी में रखा गया।

हसीना ने फैसले को बताया पक्षपाती और साजिशन

फैसले के तुरंत बाद शेख हसीना की ओर से प्रतिक्रिया आई। उन्होंने कहा“मेरे खिलाफ आया फैसला गलत, पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित है।”हसीना ने यह भी आरोप लगाया कि यह मुकदमा उन्हें राजनीति से पूरी तरह बाहर करने और सत्ताधारी समूह को मजबूत करने की रणनीति है।

देशभर में हिंसा, आगजनी और इंटरनेट प्रतिबंध

फैसले के चलते ढाका सहित कई जिलों में हिंसात्मक घटनाएँ बढ़ गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहनों में आग लगा दी, जबकि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, रबर बुलेट और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएँ आंशिक रूप से बंद कर दी गई हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले पर चिंता जताई है और मामले की पारदर्शी समीक्षा की मांग की है। हसीना के वकीलों ने कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।यह फैसला बांग्लादेश की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है और आने वाले दिनों में देश की स्थिरता और कानून व्यवस्था पर गंभीर चुनौती खड़ी कर सकता है।

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