कानपुर यूजीसी नए नियमों के खिलाफ कानपुर से गाजीपुर तक विरोध, काले झंडे और कफन प्रदर्शन

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में विरोध का दौर तेज होता दिख रहा है। यूजीसी नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन की शुरुआत कानपुर से हुई, जहां छात्र नेताओं ने काले झंडे लेकर पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।

कानपुर में यह विरोध मार्च एस्कार्ड वर्ल्ड चौराहा से सिलेंडर चौराहा तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। मार्च के दौरान छात्र नेता अभिजीत राय ने यूजीसी बिल को “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह से छात्रहितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव को बढ़ावा देगा और छात्रों को जाति के आधार पर बांटने का काम करेगा, जिससे छात्र एकता कमजोर होगी।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यूजीसी बिल वापस नहीं लिया तो जिला अधिकारी कार्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर देशव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में छात्र नेता अभिजीत राय, अनस, आर्यन, पूर्व पार्षद प्रत्याशी आशीष, दिव्यांशु, आयुष, शिवम, आदित्य, अभिषेक, रुद्राक्ष, प्रशांत सहित दर्जनों छात्र और नागरिक मौजूद रहे।
कानपुर के साथ-साथ गाजीपुर जनपद के सैदपुर में भी यूजीसी के नए नियमों को लेकर अनोखा विरोध देखने को मिला। यहां समाजसेवियों ने जोहरगंज स्थित श्मशान घाट पर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। समाजसेवी मनोज सिंह समेत कई लोग सिर पर कफन बांधकर पहुंचे और सरकार से यूजीसी एक्ट वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। यूजीसी नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन अब प्रदेशभर में आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है।
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