Mahoba News: करणी सेना ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, UGC Act रद्द करने की मांग

महोबा रिपोर्ट: चन्द्रशेखर नामदेव यूजीसी अधिनियम लागू होने के बाद से देशभर में इसका विरोध तेज़ होता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में श्री राजपूत करणी सेना के बैनर तले सवर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए यूजीसी अधिनियम को समाप्त करने की मांग की।प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और इस अधिनियम को काला कानून बताते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

UGC Act को बताया काला कानून
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने के उद्देश्य से लागू किया गया यूजीसी अधिनियम छात्रों और समाज में नई तरह की असमानता और तनाव पैदा कर रहा है। उनका आरोप है कि यह अधिनियम समाज को बांटने का काम कर रहा है।
15 जनवरी से लागू हुआ अधिनियम
बताया जा रहा है कि 15 जनवरी 2026 से यूजीसी अधिनियम लागू हुआ है। इसके लागू होते ही देश के विभिन्न हिस्सों में सवर्ण समाज द्वारा इसका विरोध शुरू हो गया था। महोबा में हुआ यह प्रदर्शन उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन
महोबा जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में श्री राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों और सवर्ण समाज के लोगों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें यूजीसी अधिनियम को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान संगठन के नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कियदि सरकार ने यूजीसी अधिनियम को वापस नहीं लिया, तो सड़क से संसद तक आंदोलन किया जाएगा देशभर में उग्र प्रदर्शन होंगेइस मौके पर बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।यूजीसी अधिनियम को लेकर विरोध लगातार तेज़ होता जा रहा है। महोबा में श्री राजपूत करणी सेना का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक व सामाजिक तूल पकड़ सकता है।
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