अमेठी : सपा नेता का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

✍️By: Nation Now Samachar Desk
अमेठी : सपा नेता का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

नितेश तिवारी की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सपा नेता गुंजन सिंह के नेतृत्व में किया गया, जिसमें दर्जनों महिलाएं और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और माहौल को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया।यह विरोध प्रदर्शन लखनऊ की भाजपा मेयर सुषमा खर्कवाल द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर दिए गए बयान के विरोध में आयोजित किया गया था। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस बयान ने राजनीतिक मर्यादा की सीमाओं को पार किया है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।

प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सपा नेताओं ने उप जिलाधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मांग की गई कि संबंधित बयान पर कार्रवाई की जाए और इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की बयानबाजी पर रोक लग सके।

— NATION NOW समाचार (@nnstvlive) April 23, 2026

इस मौके पर सपा नेता गुंजन सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी की मां का सम्मान करना नहीं जानती और जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के चलते विवाद पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई नेता महिलाओं का सम्मान करता है, तो वह अखिलेश यादव हैं, लेकिन उनके खिलाफ लगातार अनर्गल बयान दिए जा रहे हैं।गुंजन सिंह ने लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल पर भी पलटवार करते हुए कहा कि “इन्हें लखनऊ का मेयर किसने बना दिया, इन्हें तो मोहल्ले का पार्षद भी नहीं बनाना चाहिए।” उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की बयानबाजी बंद नहीं की गई तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ, लेकिन राजनीतिक तनाव अभी भी बना हुआ है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन और बयानबाजी से राज्य की राजनीतिक गर्मी और बढ़ सकती है, खासकर तब जब चुनावी माहौल या राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो।फिलहाल अमेठी में स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और टकराव की तीव्रता को उजागर कर दिया है।

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