अंतिम संस्कार के बाद मोर्चरी में मिला युवक का शव, कानपुर पुलिस पर उठे सवाल

✍️NNS Desk
अंतिम संस्कार के बाद मोर्चरी में मिला युवक का शव, कानपुर पुलिस पर उठे सवाल

कानपुर में बिधनू पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है. ट्रक बॉडी कारीगर की मौत के बाद पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए उसका अंतिम संस्कार करा दिया, जबकि परिजनों को इसकी सूचना तक नहीं दी गई.

इसी बीच 2 अगस्त को सचेंडी थाना क्षेत्र की किसान नगर नहर में एक अज्ञात युवक का शव मिला. पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने उसकी पहचान अपने भाई के रूप में की, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ.

इसके बाद सवाल उठ गया कि जब युवक का शव पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद था, तो बिधनू पुलिस ने किस शव का अंतिम संस्कार कराया. मामले की जानकारी मिलते ही डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी जांच के लिए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे.

घटना की जानकारी पर पोस्टामार्टम हाउस पहुंचे डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी.

21 जुलाई को बहन से हुई थी आखिरी बात: बहन नीलम ने बताया कि 21 जुलाई को उनकी आखिरी बार भाई मनीष से फोन पर बात हुई थी. इसके बाद उनका मोबाइल बंद मिलने लगा. एक अगस्त को वह भाई से मिलने ओरियारा गांव पहुंचीं.

वहां ट्रक बॉडी मेकर रमेश दुबे ने बताया कि 26 जुलाई को मनीष की मौत हो गई थी. पुलिस को सूचना देने के बाद उनका अंतिम संस्कार कानपुर देहात के मूसानगर स्थित यमुना नदी में कर दिया गया.

इसी बीच रविवार को सचेंडी थाना क्षेत्र के किसान नगर नहर में करीब 40 वर्षीय अज्ञात युवक का शव मिला. पहचान न होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया. डायल-112 से मिली सूचना के बाद सोमवार शाम मनीष के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे.

वहां उन्होंने नहर से मिले शव की पहचान मनीष पांडेय के रूप में की. परिजनों ने बताया कि मनीष का एक पैर जला हुआ था और चेहरे पर मस्सा था. इन्हीं निशानों के आधार पर उन्होंने शव की पहचान की.

मृतक की बहन नीलम से घटना की जानकारी लेते डीसीपी वेस्ट.

परिजनों को हत्या का शक: मंगलवार दोपहर डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी और एसीपी पनकी अमित चौरसिया पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. अधिकारियों ने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. परिजनों ने आरोप लगाया कि ट्रक बॉडी मेकर रमेश दुबे और उसके साथ मौजूद पांच लोगों ने मनीष की हत्या कर शव यमुना नदी में फेंक दिया.

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मनीष की मौत 26 जुलाई को हो गई थी, तो इसकी सूचना परिवार को क्यों नहीं दी गई. उनका कहना है कि परिवार को घटना की जानकारी जानबूझकर छिपाई गई.

पुलिस की अनुमति से अंतिम संस्कार कराया गया: बिधनू थाना प्रभारी टीबी सिंह ने बताया कि ट्रक बॉडी मेकर रमेश दुबे और आसपास के कुछ दुकानदारों ने लिखित रूप से पोस्टमार्टम न कराने की बात कही थी. इसके बाद पुलिस की अनुमति से अंतिम संस्कार कराया गया.

डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि 2 अगस्त को सचेंडी थाना क्षेत्र की नहर से एक अज्ञात शव मिला था. शव को पहचान के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया था. सोमवार को एक महिला पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और उसने शव की पहचान अपने भाई मनीष पांडेय के रूप में की.

उन्होंने बताया कि परिजनों की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को लिखित रूप में लिया जा रहा है. फिलहाल शव मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है. वहीं, यमुना नदी में प्रवाहित किए गए शव के संबंध में भी जांच कराई जा रही है. पुलिस पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है.

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