वृंदावन: ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में परंपरा और नई व्यवस्थाओं को लेकर विवाद चरम पर

वृंदावन, उत्तर प्रदेश। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में परंपराओं और नई व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को चरम पर पहुंच गया। हाई पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक के बाद लिए गए निर्णयों के विरोध स्वरूप मंदिर के गर्भगृह पर ताला लगा दिया गया, जिससे सेवायत गोस्वामी और श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया।

विवाद की जड़: परंपरा बनाम नई व्यवस्था
मुख्य विवाद ठाकुर जी को जगमोहन (बाहरी चबूतरे) पर रोजाना विराजमान करने के प्रशासनिक निर्णय को लेकर है। परंपरा के अनुसार ठाकुर बांके बिहारी केवल विशेष तीज-त्योहारों पर ही जगमोहन में दर्शन देते हैं।लेकिन भीड़ प्रबंधन और सुगम दर्शन के लिए प्रशासन ने रोजाना ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान करने का प्रस्ताव रखा। वहीं सेवायत वेणु गोस्वामी का आरोप है कि यह कदम प्राचीन परंपराओं को तोड़ने वाला है।
ताला लगने से पूजा में व्यवधान
घटना बुधवार को राजभोग सेवा के दौरान हुई। ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान किया गया, लेकिन दोपहर में जब शयनभोग सेवा के लिए गोस्वामी पहुंचे, तो गर्भगृह के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला।वेणु गोस्वामी ने कहा, “मैं समय पर पूजा के लिए उपस्थित था, लेकिन प्रशासन ने ताला लगाकर सेवा में व्यवधान उत्पन्न किया। यह हमारी सदियों पुरानी मर्यादाओं का उल्लंघन है।”श्रद्धालु और सेवायत दोनों ही इस फैसले के विरोध में खड़े हो गए हैं, और मंदिर प्रबंधन तथा प्रशासन के बीच बातचीत की संभावना फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है।
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