उत्तर प्रदेश के कानपुर से सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नौबस्ता इलाके में दो युवतियों के बीच जबरदस्त मारपीट देखने को मिल रही है। यह घटना न सिर्फ हिंसक है, बल्कि इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि यह झगड़ा उस जगह पर हुआ जहां रात के समय पुलिस की तैनाती रहती है। इसके बावजूद, घटना के वक्त मौके पर कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।

कहां और कैसे हुई घटना
मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला यशोदा नगर बाईपास के पास का है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सफेद कपड़े पहने एक युवती दूसरी युवती पर अचानक हमला कर देती है। मारपीट इतनी भीषण थी कि हमलावर युवती ने दूसरी लड़की को सड़क पर पटक दिया, बाल पकड़कर घसीटा और लगातार करीब 11 थप्पड़ जड़ दिए। यही नहीं, जमीन पर गिरी युवती के सीने और सिर पर लात-घूंसे भी बरसाए गए।यह पूरी घटना रात के समय की बताई जा रही है। वीडियो में पीड़ित लड़की को मदद के लिए चीखते-चिल्लाते और राहगीरों से गुहार लगाते देखा जा सकता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कोई भी व्यक्ति उसे बचाने आगे नहीं आया।
लड़ाई की वजह क्या थी
वीडियो में सुनाई दे रही बातचीत से पता चलता है कि यह विवाद “अभिषेक” नाम के एक युवक को लेकर हुआ। हमलावर युवती गुस्से में चिल्लाते हुए कहती सुनाई दे रही है“अभिषेक को तूने छोड़ा था, अब जब वह मेरा हो गया है तो तू उसे बाबू बोलेगी?”वह यह भी आरोप लगाती है कि पीड़ित लड़की ने अभिषेक को स्काई लॉन में मिलने के लिए बुलाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई।
वीडियो बनाने वाली भी हमले में शामिल
इस घटना में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाली लड़की, जो कथित तौर पर हमलावर की दोस्त बताई जा रही है, उसने भी पीड़ित युवती को पैर से मारा। इससे यह मामला केवल दो लड़कियों के झगड़े तक सीमित न रहकर समूह हिंसा का रूप लेता नजर आ रहा है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
घटना के वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि“मामला संज्ञान में है और वीडियो के आधार पर दोनों युवतियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उन्हें तलाश कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”हालांकि, इस घटना ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान से कुछ दूरी पर ही पुलिस चौकी मौजूद है, वहां इस तरह की घटना होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर पुलिस की गैरमौजूदगी और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
