कानपुर देहात: कोटा में सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत,पैृतक गांव रुरा पहुंचे शव

✍️Amisha Sachan
Three youths died in a road accident in Kanpur Dehat Kota: Bodies reached their native village Rura, the accident took place while returning from Ujjain.

कानपुर देहात राजस्थान के कोटा जिले में हुए भीषण सड़क हादसे ने उत्तर प्रदेश के रुरा कस्बे को गहरे शोक में डुबो दिया। यह दर्दनाक दुर्घटना दिल्ली-मुंबई हाईवे पर चेचट थाना क्षेत्र में हुई, जहां उज्जैन से लौट रहे तीन दोस्तों की कार पीछे से एक ट्रक में जा भिड़ी। हादसा इतना भयानक था कि कार सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, मृतक युवक उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। श्रद्धा और भक्ति से भरी यह यात्रा पल भर में मातम में बदल गई। जैसे ही सोमवार देर रात उनके शव रुरा कस्बे में पहुंचे, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई और लोगों की आंखें नम हो गईं।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना दिल्ली-मुंबई हाईवे पर चेचट थाना क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि कार तेज रफ्तार में थी और अचानक सामने चल रहे ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय पुलिस और राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीनों युवकों की मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान श्रेष्ठ बाजपेयी, प्रांजुल चतुर्वेदी और अंकुश दुबे के रूप में हुई है। तीनों आपस में गहरे मित्र थे और धार्मिक यात्रा पर साथ गए थे। उनके असमय निधन से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

मंगलवार को तीनों युवकों की शव यात्रा निकाली गई। कस्बे के लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। खेरेश्वर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान विश्वनाथ बाजपेई, दुर्गेश शुक्ला, राजीव कुमार शुक्ला, आशीष पांडेय, रत्नेश सिंह गौर, आशू शुक्ला, भोला, जय मिश्रा, माला, निक्की, रानी, पीहू और सुशील तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि दिल्ली-मुंबई हाईवे पर आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों की याद दिलाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर ड्राइविंग के दौरान गति सीमा का पालन, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।रुरा कस्बे के इन तीन होनहार युवकों की असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। परिवारों के लिए यह क्षति अपूरणीय है। पूरा क्षेत्र शोक में डूबा है और हर कोई यही दुआ कर रहा है कि ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।

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