सिद्धार्थनगर तहसील दिवस में DM सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

✍️Amisha Sachan
सिद्धार्थनगर तहसील दिवस में DM सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

रिपोर्टर- अभिलाष मिश्रा उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील में शनिवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें जिला प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ नजर आया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरण अप्पा जी एन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन ने संयुक्त रूप से की।

सभी विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

तहसील सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्व, पुलिस, विकास, पूर्ति, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। तहसील दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित और प्रभावी समाधान करना होता है।इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें जमीन विवाद, अवैध कब्जा, पेंशन और अन्य प्रशासनिक समस्याएं प्रमुख रहीं।

— NATION NOW समाचार (@nnstvlive) April 18, 2026

DM के सख्त निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील दिवस में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने विशेष रूप से जमीन विवाद, चकमार्ग और अवैध कब्जे जैसे मामलों को प्राथमिकता पर निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही पेंशन से जुड़े मामलों में भी तेजी लाने को कहा गया, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर सुविधा मिल सके।

समयबद्ध निस्तारण पर जोर

तहसील के उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्रा और क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील और पुलिस से संबंधित सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए।उन्होंने राजस्व विभाग और थाना प्रभारियों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा, ताकि शिकायतों का समाधान जल्द और प्रभावी तरीके से हो सके।

जनता को मिला भरोसा

तहसील दिवस के आयोजन से आम लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला। इससे प्रशासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होता है और समस्याओं के समाधान में पारदर्शिता आती है।स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।तहसील दिवस के माध्यम से प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि जनता की समस्याएं उनकी प्राथमिकता हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होते हैं।

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