सिद्धार्थनगर : नहर किनारे कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची मिली, समय रहते बची जान

अभिलाष मिश्रा की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के इटवा कस्बे से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ITI नहर क्षेत्र के पास कपड़े में लिपटी एक जीवित नवजात बच्ची मिलने से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना न केवल संवेदनशील है बल्कि समाज में इंसानियत और लापरवाही दोनों के दो अलग-अलग पहलुओं को उजागर करती है।

जानकारी के अनुसार, इटवा निवासी बब्लू नामक व्यक्ति रोजमर्रा की तरह पेट्रोल भरवाने के लिए जा रहे थे। तभी उन्हें नहर के किनारे से एक हल्की-हल्की रोने की आवाज सुनाई दी। शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि आवाज की दिशा में जाकर देखा। जैसे ही वे नहर के पास पहुंचे, उन्होंने देखा कि एक नवजात बच्ची कपड़े में लिपटी हुई पड़ी है और रो रही है।सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि बच्ची का जन्म हाल ही में हुआ था और उसका नाड़ा (umbilical cord) भी पूरी तरह से कटा नहीं था। यह स्पष्ट संकेत था कि उसे जन्म के तुरंत बाद ही यहां छोड़ दिया गया था। यह दृश्य देखकर बब्लू और वहां मौजूद स्थानीय युवक इरशाद तुरंत सक्रिय हो गए।
दोनों ने बिना समय गंवाए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बच्ची को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इटवा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती कर लिया।डॉक्टरों के अनुसार, समय रहते बच्ची को अस्पताल लाया जाना उसकी जान बचाने में निर्णायक साबित हुआ। फिलहाल बच्ची की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उसे लगातार मेडिकल निगरानी में रखा गया है। डॉक्टर उसकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।इस घटना ने स्थानीय लोगों को भावुक कर दिया है। जिस तरह बब्लू और इरशाद ने तत्परता दिखाई, उसकी हर तरफ सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर भी इन दोनों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जहां लोग उनकी मानवता की मिसाल दे रहे हैं।
यह मामला केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं है, बल्कि समाज के सामने कई सवाल भी खड़े करता है। आखिर कौन था जिसने इस मासूम को जन्म के बाद इस तरह नहर किनारे छोड़ दिया? किस परिस्थिति ने किसी को इतना कठोर निर्णय लेने पर मजबूर किया? पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों की तलाश कर रही है।स्थानीय प्रशासन भी इस घटना को गंभीरता से ले रहा है और बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जैसे ही बच्ची पूरी तरह स्वस्थ होगी, आगे की कानूनी और सामाजिक प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
यह घटना एक तरफ जहां दुखद है, वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाती है कि समाज में अभी भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो बिना किसी स्वार्थ के मानवता को सर्वोपरि रखते हैं। बब्लू और इरशाद की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता ने मिलकर एक मासूम जान को बचा लिया, जो शायद कुछ ही समय में खतरे में पड़ सकती थी।फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और पुलिस जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठाने की कोशिश कर रही है।
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