होर्मुज संकट के बीच पीएम मोदी का आश्वासन, भारत में तेल-गैस की कीमतें जनता पर नहीं पड़ेंगी

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद किसी ने यह नहीं सोचा था कि यह स्थिति एक ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस में बदल जाएगी। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो गई है, जिससे कई देशों में ईंधन और गैस की कीमतों में तेजी देखी गई। ऐसे में भारत ने अपने नागरिकों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।नोएडा के जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को आश्वासन दिया कि इस वैश्विक संकट का बोझ आम जनता पर नहीं पड़ेगा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अपने विकास कार्यों को रोकने की बजाय उन्हें जारी रखा है और इस समय हमें एकजुट रहने की जरूरत है।

🔹 होर्मुज स्ट्रेट संकट और भारत
होर्मुज स्ट्रेट, जिसे एनर्जी कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है, वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई में अहम भूमिका निभाता है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच जंग के कारण इस मार्ग से तेल और गैस की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि, भारत के लिए स्थिति पूरी तरह गंभीर नहीं है क्योंकि आयात का एक बड़ा हिस्सा अर्जेंटिना और रूस से भी किया जा रहा है।इसके परिणामस्वरूप, भारत में पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में कोई तत्काल वृद्धि नहीं हुई है। यह देशवासियों के लिए राहत की बात है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी घरेलू और व्यवसायिक ऊर्जा जरूरतें इस संकट से प्रभावित हो सकती थीं।
🔹 पीएम मोदी का जनता को आश्वासन
जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि इस संकट के बावजूद भारतवासियों के घरों में चूल्हे जलते रहेंगे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है और जनता पर संकट का बोझ डालने की कोई योजना नहीं है।प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के इस समय में भी भारत ने अपने विकास कार्य जारी रखे हैं और यह समय एकजुटता और सहयोग का है। यह संदेश खास तौर पर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो ऊर्जा संकट के संभावित प्रभावों से चिंतित हैं।
🔹 रूस और भारत की ऊर्जा सहयोग रणनीति
भारत ने रूस के साथ अपने दशकों पुराने संबंधों का लाभ उठाते हुए LNG और LPG सप्लाई बढ़ाने की दिशा में बातचीत तेज कर दी है। रूसी समाचार एजेंसी TASS के सूत्रों के अनुसार, भारत और रूस दोनों ही ऊर्जा सहयोग को विस्तार देने के लिए तैयार हैं।
- LNG सप्लाई बढ़ाने के विकल्पों पर चर्चा
- भारत के घरेलू LPG सप्लाई सुनिश्चित करने की योजना
- ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रणनीतिक कदम
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत की ऊर्जा जरूरतें संकट के समय भी पूरी हों और घरेलू बाजार में ईंधन की कमी या कीमतों में अत्यधिक बढ़ोतरी न हो।
🔹 वैश्विक तेल और गैस की स्थिति
होर्मुज स्ट्रेट संकट केवल भारत तक सीमित नहीं है। कई एशियाई और यूरोपीय देशों में तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों ने पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि की है। वहीं भारत ने रणनीतिक रूप से वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाकर घरेलू आपूर्ति और कीमतों को स्थिर रखा है।इस स्थिति में भारत के कदमों की दो प्रमुख विशेषताएँ हैं:
- ऊर्जा संकट का असर आम जनता पर न्यूनतम रखना
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संसाधनों के संतुलित उपयोग के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित करना
🔹 घरेलू ऊर्जा सुरक्षा का महत्व
भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। ऊर्जा संकट केवल तेल और गैस तक सीमित नहीं रहता; यह औद्योगिक उत्पादन, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और हाई-टेक उत्पादन पर भी असर डालता है।पीएम मोदी ने यह सुनिश्चित किया है कि इस संकट के दौरान भारत की घरेलू ऊर्जा जरूरतों पर कोई कमी न आए। रूस और अर्जेंटिना से आयात बढ़ाने की पहल इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा, सरकार नवीकरणीय ऊर्जा और घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है ताकि लंबे समय तक ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे।
उत्तर प्रदेश से और खबरें

धुरंधर-2: एएसपी अनुज चौधरी बोले, फिल्म युवाओं में राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदारी की भावना जगाती है
28 मार्च 2026
अयोध्या के राजघाट पर महायज्ञ स्थल पर लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद
28 मार्च 2026
कानपुर में 4-5 अप्रैल 2026 को मंडलीय पावरलिफ्टिंग और ओपन डेडलिफ्ट प्रतियोगिता
28 मार्च 2026