मुख्तार अंसारी की कब्जायी जमीनों पर बने गरीबों के फ्लैट्स को गिराने का नोटिस

✍️NNS Desk
मुख्तार अंसारी की कब्जायी जमीनों पर बने गरीबों के फ्लैट्स को गिराने का नोटिस

UP की राजधानी लखनऊ में डालीबाग स्थित एलडीए की सरदार पटेल आवास योजना में गुरुवार को हड़कंप मच गया. दरअसल,मुख्तार अंसारी की जमीन पर योगी सरकार ने गरीबों को जो घर बनवाकर दिए थे सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उन्हीं फ्लैटों पर गिराने का नोटिस लगा दिया है. लाल क्रॉस का निशान लगाकर उन्हें खाली करने की चेतावनी दी गई है. यह वही 72 फ्लैट हैं जिनकी चाबी नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं गरीब परिवारों को सौंपी थी. उधर, नोटिस लगते ही कॉलोनी में रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई.

छह महीने पहले मिला था आशियाना: यह वही परियोजना है, जिसे लखनऊ विकास प्राधिकरण ने डालीबाग में माफिया मुख्तार अंसारी के ध्वस्त किए गए बंगले की जमीन पर विकसित किया था. यहां गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए 72 फ्लैट बनाए गए थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर 2025 में आयोजित समारोह में लाभार्थियों को इन मकानों की आवंटन पत्र व चाबी सौंपी थी. कई परिवारों ने इसी वर्ष यहां आकर रहना शुरू किया था. अब सिंचाई विभाग ने सात दिन में खाली करने की नोटिस चस्पा की है. नोटिस सिंचाई विभाग के लखनऊ खण्ड दो शारदानहर के जिलेदार सर्वेक्षण की ओर से चस्पा की गयी है. नोटिस में यह भी लिखा है कि अगर इसे खाली कराने में कोई क्षति होती है तो कब्जेदार स्वयं जिम्मेदार होंगे. कब्जेदारों से शमन शुल्क और हर्जा खर्चा भी वसूला जाएगा.

नोटिस देख भड़के आवंटी, जब मुख्तार का बंगला खड़ा था तब कहां था सिंचाई विभाग: सिंचाई विभाग का दावा है कि यह भूमि हैदर कैनाल बंधे की सरकारी जमीन है. विभाग ने फ्लैटों पर नोटिस चस्पा करते हुए उन्हें अपनी भूमि बताया है. नोटिस लगते ही आवंटियों में नाराजगी फैल गई. लोगों का कहना है कि जब इसी जमीन पर वर्षों तक मुख्तार अंसारी का आलीशान बंगला खड़ा था, तब सिंचाई विभाग को अपनी जमीन दिखाई नहीं दी. अब जब गरीब परिवारों को सरकारी योजना के तहत घर मिल गए हैं, तब अचानक जमीन पर दावा किया जा रहा है. आवंटियों ने सवाल उठाया कि यदि भूमि को लेकर कोई विवाद था तो निर्माण शुरू होने से पहले ही इसे स्पष्ट क्यों नहीं किया गया. उनका कहना है कि अभी उन्हें मकानों में रहते हुए छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और बेदखली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

एलडीए अधिकारियों के उड़े होश: मामले की जानकारी मिलते ही एलडीए के अधिकारियों में भी हलचल मच गई. सूत्रों के अनुसार, सिंचाई विभाग की कार्रवाई और भूमि विवाद की सूचना तत्काल शासन के उच्च अधिकारियों को भेजी गई है. एलडीए उच्च स्तर पर मामले में कड़ी नाराजगी जतायी है.

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इस मामले की जानकारी होने के बाद सिंचाई विभाग के अफसरों से बात की गयी. उन्होंने अपनी गलती मानी है और कहा है कि शाम तक नोटिस हटवाएंगे. जो लाल क्रास के निशान लगाया है उसकी भी सिंचाई विभाग पुताई कराएगा.

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