लोकगायक नेहा सिंह राठौर मंगलवार को हजरतगंज पुलिस स्टेशन पहुंचीं और पहलगाम आतंकी हमले पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी तरह से गिरफ्तार नहीं किया गया है और वे पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रही हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, नेहा सिंह राठौर ने अपने बयान में कहा कि उनका इरादा किसी भी समुदाय या घटना के खिलाफ नहीं था। उन्होंने मीडिया और अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि जांच में वह पूरी तरह से सहयोग करेंगी और किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर करने के लिए तैयार हैं।

हजरतगंज पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी चल रही है और बयान दर्ज करने के बाद अगले कानूनी कदम तय किए जाएंगे। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय भी बना हुआ है, जहां लोगों ने नेहा के बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी।इस मामले में पुलिस की प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बयान के संदर्भ और सन्दर्भ को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोकगायक ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें जांच प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देने में कोई आपत्ति नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक हस्तियों के बयान अक्सर सामाजिक और राजनीतिक संवेदनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा बयान दर्ज करना और मामले की जांच करना जरूरी होता है। नेहा सिंह राठौर के सहयोग से पुलिस को मामले की जांच में आसानी हो रही है और जल्द ही सटीक निष्कर्ष सामने आने की संभावना है।
लोकगायक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं किसी भी विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहती। मेरा उद्देश्य सिर्फ अपने पक्ष को स्पष्ट करना और जांच में सहयोग करना है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सोशल मीडिया पर बयान देने में और सावधानी बरती जाएगी।अधिकारियों ने भी यह स्पष्ट किया कि नेहा सिंह राठौर के सहयोग से मामले में जल्द निष्कर्ष निकलने की संभावना है और जांच में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। अब पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ा रही है।
