मेरठ : सड़क पर नमाज पढ़ने पर सख्त कार्रवाई: पासपोर्ट जब्त और मुकदमा होगा

✍️Amisha Sachan
मेरठ : सड़क पर नमाज पढ़ने पर सख्त कार्रवाई: पासपोर्ट जब्त और मुकदमा होगा

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में सड़क पर नमाज पढ़ने वाले व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क पर नमाज पढ़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए पासपोर्ट जब्त करने तथा कड़ा मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सड़क पर नमाज पर प्रशासन की सख्ती

शहर में कुछ क्षेत्रों में सार्वजनिक सड़क और फुटपाथ पर नमाज पढ़ने की घटनाओं के कारण यातायात बाधित होता है और आम जनता को परेशानी होती है। प्रशासन का कहना है कि यह कानून की अवहेलना है और ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने कहा कि यह आदेश सभी थानों और क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों को लागू किया जाएगा। जो भी व्यक्ति या समूह सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ेगा, उसके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पासपोर्ट जब्त और मुकदमा

सड़क पर नमाज पढ़ने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन द्वारा पासपोर्ट जब्त करने की प्रक्रिया की जाएगी। इसके साथ ही कठोर कानूनी कार्रवाई के तहत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। यह कदम लोगों को सार्वजनिक जगहों पर कानून का पालन करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति नियम तोड़ता है, तो उसे न केवल स्थानीय कानूनी प्रावधानों के तहत बल्कि राष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा कानूनों के तहत भी दंडित किया जा सकता है।

नागरिकों और यातायात की सुरक्षा

मेरठ पुलिस का मानना है कि सड़क पर नमाज पढ़ने से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि पैदल और वाहन चालकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।इसलिए प्रशासन ने सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने के मामलों पर निगरानी बढ़ाई है। थानों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित गश्त करें और सड़क पर नमाज पढ़ने की किसी भी घटना की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को दें।

प्रशासन का संदेश

एसएसपी अविनाश पांडे ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक जगहों पर नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।“हम किसी भी धर्म या जाति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर कानून का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। कोई भी व्यक्ति सड़क पर नमाज पढ़कर सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित नहीं कर सकता,” उन्होंने कहा।

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