लखनऊ : तपती गर्मी का कहर, पारा 40°C के पार, कमजोर मानसून की चेतावनी

✍️Amisha Sachan
लखनऊ : तपती गर्मी का कहर, पारा 40°C के पार, कमजोर मानसून की चेतावनी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गर्मी ने अब अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, आज अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री रहने का अनुमान है। सुबह से ही लोग घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतते नजर आए।

सामान्य से ऊपर पहुंचा तापमान

बीते बुधवार को भी लखनऊ में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री ज्यादा है। वहीं न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। इस दौरान अधिकतम आर्द्रता 54 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 15 प्रतिशत रही, जिससे दिन के समय गर्मी का अहसास और बढ़ गया।

तेज पछुआ हवाओं का असर

प्रदेशभर में इन दिनों पछुआ हवाएं चल रही हैं, जो गर्मी को और तीव्र बना रही हैं। पिछले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका असर न केवल शहरों बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी साफ दिखाई दे रहा है।मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर जा सकता है। उन्होंने लोगों को खासतौर पर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

लोगों की दिनचर्या पर असर

गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम के समय बाजारों में भीड़ रहती है, जबकि दोपहर में सड़कें लगभग सूनी नजर आती हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को भी इस मौसम में खास सावधानी बरतनी पड़ रही है।

कमजोर मानसून का अनुमान

मौसम विभाग के ताजा दीर्घकालिक पूर्वानुमान ने चिंता और बढ़ा दी है। साल 2026 में उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर रहने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कई वैश्विक मौसम कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी गोलार्द्ध और यूरेशिया में सर्दियों और बसंत के दौरान बर्फ का फैलाव सामान्य से कम रहा है, जिसका असर मानसून पर पड़ सकता है। इसके अलावा हिंद महासागर की वर्तमान तटस्थ स्थिति भी भविष्य में बदल सकती है।

अल-नीनो का बढ़ता खतरा

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रशांत महासागर में चल रही कमजोर ला-नीना स्थिति जल्द खत्म हो सकती है। इसके बाद अल-नीनो जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना है, जो आमतौर पर भारत में बारिश को कम कर देती हैं।अगर ऐसा होता है, तो लखनऊ और उत्तर प्रदेश में मानसून कमजोर रह सकता है। इसका सीधा असर खेती, जल संसाधनों और आम जनजीवन पर पड़ने की आशंका है।गर्मी के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढकने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

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