औरैया (उत्तर प्रदेश) में हुए सनसनीखेज किशन हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 36 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। थाना कोतवाली औरैया और SOG/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में हत्या के मुख्य आरोपी ओमजी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी 32 बोर रिवॉल्वर, 03 जिंदा कारतूस और 01 खोखा कारतूस भी बरामद किया गया है।

क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार यह घटना 29 दिसंबर की रात की है। किशन नामक युवक की हत्या नलकूप के कमरे में चल रही पार्टी के दौरान हुई। पार्टी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इसी दौरान आरोपी ओमजी गुप्ता ने आवेश में आकर किशन के सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। मामला गंभीर होने के चलते पुलिस अधीक्षक औरैया अभिषेक भारती के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया।
फोरेंसिक और मुखबिर की अहम भूमिका
हत्या के खुलासे में फोरेंसिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और मुखबिर की सटीक सूचना ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने तकनीकी जांच और ग्राउंड इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद एलजी गार्डन नहर पुलिया के पास से आरोपी ओमजी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह नशे और गुस्से की हालत में था, इसी कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
लाइसेंसी हथियार पर भी कार्रवाई
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या में प्रयुक्त रिवॉल्वर लाइसेंसी है, जो अनूप गुप्ता पुत्र मोतीलाल के नाम पर पंजीकृत है। इस मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 30 की बढ़ोतरी करते हुए रिवॉल्वर मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि लाइसेंसी हथियार का इस तरह दुरुपयोग गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस की बड़ी सफलता
पुलिस अधीक्षक औरैया ने इस तेज कार्रवाई को टीमवर्क का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है और आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
इलाके में राहत, लेकिन सवाल बरकरार
36 घंटे में हत्या का खुलासा होने से जहां स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पार्टियों में हथियारों की मौजूदगी और लाइसेंसी असलहों का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
