KGMU विवाद: अपर्णा यादव से झड़प के बाद डॉक्टर और कर्मचारी आर-पार, हड़ताल और OPD बंद करने की चेतावनी

kgmu-vivad-aparna-yadav-jhadap-doctor-hadtal

KGMU विवाद : राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में चल रहा महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और लव जिहाद का मामला अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। KGMU विवाद ने सोमवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष अपर्णा यादव की टीम और यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों व कर्मचारियों के बीच तीखी झड़प और बहस हो गई। इस घटना के बाद केजीएमयू में तनाव का माहौल है और डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने के साथ ही ओपीडी सेवाएं बंद करने की चेतावनी दे दी है।

image 170 1

यह पूरा विवाद डॉक्टर रमीज से जुड़े कथित धर्मांतरण प्रकरण से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद द्वारा इस मामले पर आयोजित की जाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले अपर्णा यादव के समर्थकों और केजीएमयू के डॉक्टरों व कर्मचारियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। इस घटना से पूरे मेडिकल कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

image 171 2

डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि बाहरी हस्तक्षेप से संस्थान की गरिमा और स्वायत्तता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि संवेदनशील मामले में बिना समन्वय के दबाव बनाने की कोशिश की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। KGMU विवाद को लेकर डॉक्टर संगठनों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों और आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे हड़ताल और ओपीडी सेवाएं बंद करने जैसे कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

वहीं दूसरी ओर, यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता दिख रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम में ‘फेवरेट’ बनने की कोशिश से जुड़ा है। अपर्णा यादव, जो समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू हैं, ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थामा था। हालांकि, पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें न तो लोकसभा चुनाव में टिकट मिला और न ही महिला आयोग की अध्यक्ष जैसे किसी संवैधानिक पद पर नियुक्ति हुई।

अब 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि KGMU विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में हुई झड़प और बयानबाजी अपर्णा यादव की राजनीतिक छवि और महत्वाकांक्षा पर असर डाल सकती है। फिलहाल, पूरे मामले पर प्रशासन और सरकार की नजर बनी हुई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *