संवाददाता सौरभ यादव कासगंज जिले के पटियाली क्षेत्र के नवादा गांव में स्थित गौशाला की स्थिति देखकर प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने गौशाला में हुई अनियमितताओं के मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। वहीं दो अन्य अधिकारियों को “कारण बताओ” नोटिस जारी किया गया है।

सूचना मिलने पर गौ रक्षा दल के पदाधिकारियों ने एसडीएम पटियाली को बताया कि गौशाला की स्थिति बेहद खराब है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गायों को रखने के लिए बनाए गए गड्ढों में 8 से 10 गायें एक साथ पड़ी हुई थीं और उनकी सफाई व मिट्टी डालने की व्यवस्था बिल्कुल नहीं थी। इसके अलावा, गौशाला में 20 से 25 गायों की मृत्यु भी दर्ज की गई है।

जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने स्पष्ट किया है कि गौशालाओं के संचालन में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार किया जाए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर एसडीएम पटियाली, क्षेत्र अधिकारी और चौकी प्रभारी दरियागंज भी निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने गायों के लिए भूसा, पानी और साफ-सफाई की कमी का जायजा लिया। अधिकारियों ने इस बात का संज्ञान लिया कि गौशाला में पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण गायों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और गौ रक्षा दल के सदस्यों ने भी अधिकारियों को बताया कि गौशाला की नियमित देखभाल नहीं होने के कारण हालात बिगड़े हैं। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया कि गायों की सुरक्षा और पोषण के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अब से हर महीने गौशालाओं का निरीक्षण किया जाएगा और गायों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, कासगंज गौशाला लापरवाही का मामला प्रशासनिक गंभीरता के साथ उठाया गया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में गायों की देखभाल और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
