कानपुर पुलिस पर दाग! मादक पदार्थ तस्करों से सांठगांठ के आरोप में 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के कानपुर से पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। मादक पदार्थ तस्करों से कथित सांठगांठ के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।यह कार्रवाई कानपुर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर की गई है। मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है।

किन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में पनकी थाना के दारोगा श्रवण कुमार, काकादेव थाना के हेड कांस्टेबल रंजीत कुमार, पुलिस लाइन के हेड कांस्टेबल कमलाकांत और सचेंडी थाना के हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं।इन चारों पर आरोप है कि उनका मादक पदार्थ तस्करों से संपर्क था और वे उनसे लगातार बातचीत कर रहे थे।
जांच में मिले तकनीकी सबूत
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान कई डिजिटल और तकनीकी सबूत सामने आए हैं। इनमें कॉल डिटेल, मोबाइल बातचीत और अन्य तकनीकी जानकारी शामिल बताई जा रही है, जिनसे यह संकेत मिला कि पुलिसकर्मियों का तस्करों से संपर्क था।इन सबूतों के आधार पर अधिकारियों ने मामला गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई करने का फैसला लिया।
ADCP की अगुवाई में हुई जांच
इस पूरे मामले की जांच एडीसीपी रामटेके की अगुवाई में की गई। जांच टीम ने विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की और संबंधित पुलिसकर्मियों के संपर्कों की जांच की।जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
संपत्ति को लेकर भी उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक निलंबित हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रताप सिंह की संपत्ति को लेकर भी चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि उनके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति हो सकती है।हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को गंभीरता से देखा जा रहा है।
विभाग में मची हलचल
इस घटना ने पुलिस विभाग के अंदर भी हलचल पैदा कर दी है। जिस खाकी वर्दी पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, उसी पर अपराधियों से सांठगांठ के आरोप लगना विभाग की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार या अपराधियों से संबंध रखने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
आगे क्या होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच जारी है।अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें नौकरी से बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
इस मामले के सामने आने के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह मामला केवल चार पुलिसकर्मियों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था।जांच एजेंसियां अब इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि कहीं तस्करी के इस नेटवर्क में और लोग या अधिकारी तो शामिल नहीं थे।
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