कानपुर फूलबाग मंडी में भीषण आग, चार गैस सिलेंडर फटने से अफरा-तफरी, दमकल ने काबू पाया

✍️Amisha Sachan
कानपुर फूलबाग मंडी में भीषण आग, चार गैस सिलेंडर फटने से अफरा-तफरी, दमकल ने काबू पाया

कानपुर, ऑर्डिनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री (ओईएफ) के पास स्थित फूलबाग फल मंडी में सोमवार को भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एक बंद पड़ी चाय-मैगी की दुकान से शुरू हुई और देखते ही देखते आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि करीब एक दर्जन से अधिक दुकानें इसकी चपेट में आ गईं।

सबसे भयावह स्थिति तब पैदा हुई जब आग के दौरान चार गैस सिलेंडर फटने से हालात और भयानक हो गए। धमाकों की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। आसमान में उठता काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था।

— NATION NOW समाचार (@nnstvlive) April 6, 2026

प्रारंभिक जांच में पता चला कि आग बंद पड़ी चाय-मैगी की दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण भड़की। दुकान बंद होने के कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका और वह तेजी से आसपास की फल दुकानों तक फैल गई। मंडी में ज्वलनशील सामग्री जैसे लकड़ी के खोखे, प्लास्टिक की टोकरियां और पैकिंग सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया।

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। ओईएफ की दमकल इकाई और नगर निगम की फायर ब्रिगेड ने संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान चलाया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बावजूद मंडी में रखे फल, खोखे और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

सीएफओ कानपुर ने बताया कि मिनी कंट्रोल द्वारा सूचना मिलने के बाद फायर स्टेशन लाटूश रोड, कर्नलगंज और मीरपुर से मोटर फायर इंजन तत्काल घटनास्थल पर भेजे गए। आग पर नियंत्रण पाने के लिए सभी यूनिटों ने संयुक्त रूप से अथक परिश्रम किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि आग के कारण लगभग 20 अस्थाई दुकानें प्रभावित हुईं और पांच एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट हुए।

इस अग्निकांड ने सुरक्षा उपायों और आपातकालीन तैयारी की आवश्यकता को दोबारा उजागर किया है। अधिकारियों ने कहा कि आग फैलने के कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाएगा।

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