कानपुर : मार्च में सर्दियों जैसा कोहरा, दिन में तेज धूप से बढ़ेगी गर्मी

उत्तर प्रदेश के कानपुर में मंगलवार सुबह मौसम ने एक अलग ही रूप दिखाया। शहर के कई इलाकों में अचानक घना कोहरा छा गया, खासकर नारवाल और बिल्हौर क्षेत्रों में दृश्यता काफी कम रही।सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने बताया कि मार्च के महीने में ऐसा कोहरा देखने को मिला जैसे सर्दियों के दिनों में होता है। बिल्हौर इलाके में दृश्यता लगभग 30 मीटर तक रह गई, जिससे वाहन चालकों को हेडलाइट और डीपर जलाकर वाहन चलाने पड़े।

दिन में तेज धूप का असर
मौसम विभाग के अनुसार जैसे ही दिन चढ़ेगा, मौसम साफ हो जाएगा और तेज धूप निकलने की संभावना है। ऐसे में गंगा मेला में रंग खेलने वाले लोगों को सुबह की ठंड का ज्यादा असर नहीं होगा।सोमवार को कानपुर का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 6.9 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री ज्यादा है। यह इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है।
तापमान में वृद्धि और हवाओं का रुख
Chandra Shekhar Azad University of Agriculture and Technology की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक मंगलवार को दिनभर तेज धूप रहने की संभावना है और उत्तर-पश्चिमी हवाएं लगभग 1 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती हैं।वहीं Banaras Hindu University के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार बिहार से मराठवाड़ा तक बने लो-प्रेशर सिस्टम की वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश में सुबह के समय कोहरे जैसे हालात बन रहे हैं।
आगामी पश्चिमी विक्षोभ और बारिश
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 14 मार्च के बाद प्रदेश के तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही 15 मार्च से तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में इस सीजन की पहली हल्की बारिश की संभावना है।विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है और गर्मी पहले के मुकाबले जल्दी शुरू हो रही है।
हीटवेव की संभावना और कृषि पर असर
India Meteorological Department के अनुसार इस साल कुछ इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या सामान्य से 4-6 डिग्री अधिक दर्ज किया जाए, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है।बढ़ते तापमान का असर खेती पर भी पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मार्च में बढ़ती गर्मी से गेहूं, सरसों, चना और मटर जैसी रबी फसलें प्रभावित हो सकती हैं। ज्यादा गर्मी में दानों का विकास पूरी तरह नहीं हो पाता और पैदावार कम हो सकती है।
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