झांसी: पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य का सरकार पर हमला, स्मार्ट मीटर को बताया ‘लूट का जरिया’

✍️Amisha Sachan
झांसी: पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य का सरकार पर हमला, स्मार्ट मीटर को बताया 'लूट का जरिया'

झांसी में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Pradeep Jain Aditya ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। इस बार उनका निशाना बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर और किसानों से जुड़े मुद्दे रहे। अपने समर्थकों के साथ कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर उन्होंने जनसमस्याओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

प्रदीप जैन आदित्य ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को सीधे तौर पर “लूट का जरिया” करार दिया। उनका कहना है कि सरकार नई तकनीक के नाम पर आम जनता की जेब पर बोझ डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को पारदर्शिता नहीं बल्कि आर्थिक नुकसान हो रहा है।उन्होंने खास तौर पर सोलर ऊर्जा उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की स्थिति पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, जो लोग अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा कर रहे हैं, उनके साथ भी अन्याय किया जा रहा है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई उपभोक्ता 5 यूनिट बिजली पैदा करता है और उसमें से 1 यूनिट खुद उपयोग करता है, तो बाकी 4 यूनिट सरकार मात्र 2.15 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदती है। वहीं, उसी उपभोक्ता को जरूरत पड़ने पर बिजली 8.50 रुपये प्रति यूनिट के महंगे दर पर दी जाती है।

इस व्यवस्था को उन्होंने “खुली लूट” बताया और कहा कि यह सीधे तौर पर आम नागरिकों की मेहनत की कमाई पर हमला है। उनका यह बयान स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।बिजली के मुद्दे के साथ-साथ उन्होंने किसानों की समस्याओं को भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद केंद्रों पर भारी अव्यवस्था है और किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, बारदाने (बोरी) की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाई हो रही है।

प्रदीप जैन आदित्य ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि आम जनता और किसानों के अधिकारों से जुड़ा विषय है।इस पूरे घटनाक्रम ने झांसी की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जहां एक तरफ सरकार अपनी योजनाओं को जनहित में बता रही है, वहीं विपक्ष लगातार इन योजनाओं पर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है, खासकर तब जब किसानों और बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं सीधे तौर पर जनता को प्रभावित कर रही हैं।फिलहाल, झांसी में सियासी तापमान बढ़ चुका है और यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है और क्या वाकई स्मार्ट मीटर और किसानों से जुड़ी समस्याओं का कोई ठोस समाधान निकल पाता है या नहीं।

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