झांसी ITI में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, 6 हजार लेते ही महिला अनुदेशक रंगे हाथों गिरफ्तार

✍️Amisha Sachan
झांसी ITI में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, 6 हजार लेते ही महिला अनुदेशक रंगे हाथों गिरफ्तार

सीनियर रिपोर्टर एहसान अली झांसी से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां एंटी करप्शन टीम ने मऊरानीपुर स्थित राजकीय आईटीआई कॉलेज में छापा मारकर एक महिला अनुदेशक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस घटना ने न सिर्फ कॉलेज प्रशासन बल्कि पूरे जिले में हलचल पैदा कर दी है।

6 हजार की रिश्वत लेते ही दबोची गई अनुदेशक

जानकारी के अनुसार, आरोपी अनुदेशक रेनू वर्मा छात्रों से काम के बदले पैसे की मांग कर रही थीं। इस मामले में छात्र बेदान्त अहिरवार और बॉबी राजा ने हिम्मत दिखाते हुए एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम का गठन किया गया।

— NATION NOW समाचार (@nnstvlive) April 10, 2026

प्लानिंग के तहत की गई कार्रवाई

एंटी करप्शन टीम ने पूरी रणनीति के तहत कार्रवाई की। शुक्रवार को जैसे ही छात्रों ने अनुदेशक को 6 हजार रुपये की पहली किश्त दी, पहले से तैयार टीम ने मौके पर ही छापा मार दिया और उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद की और केमिकल टेस्ट के जरिए यह साबित किया कि पैसे रिश्वत के तौर पर लिए गए थे।

कॉलेज में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद राजकीय आईटीआई कॉलेज में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में डर और चिंता साफ नजर आई।एंटी करप्शन टीम आरोपी को तुरंत मऊरानीपुर कोतवाली ले गई, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

बड़े नेटवर्क की जांच शुरू

अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, इसकी जांच की जा रही है।संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान कॉलेज के अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। ऐसे में आगे और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

छात्रों ने दिखाई हिम्मत

पीड़ित छात्रों ने बताया कि उनसे लगातार पैसे की मांग की जा रही थी, जिससे वे परेशान थे। अंततः उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया।छात्रों ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई हुई और दोषी को पकड़ लिया गया।

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति का उदाहरण मानी जा रही है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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