रिपोर्टर नितेश तिवारी अमेठी। गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा–अमेठी को लेकर जनपद मुख्यालय गौरीगंज स्थित शंकराचार्य कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अमेठी लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं के गौसेवक, समाजसेवी और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आशीर्वाद एवं आज्ञा का पालन किया गया।

बैठक में सभी उपस्थित लोगों ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अभियान को समर्थन देने का संकल्प लिया। इसके साथ ही उन्होंने गौसेवा के महत्व पर जोर देते हुए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। भारतीय मजदूर किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू पाल ने शंकराचार्य जी के गौ प्रतिष्ठा आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

इसके अलावा वरिष्ठ समाजसेवी सुरेश कुमार पांडे और सलोन विधायक जीत पांडे ने भी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग का समर्थन किया।कार्यालय प्रभारी हरिप्रसाद द्विवेदी ने बताया कि पदयात्रा का उद्देश्य न केवल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराना है, बल्कि जनपद अमेठी को गौहत्या से मुक्त करना भी है। उन्होंने बताया कि ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य द्वारा मनोनीत गो-सांसद राकेश तिवारी अमेठी लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं—सलोन, तिलोई, जगदीशपुर, अमेठी और गौरीगंज—की परिक्रमा करेंगे।
- पदयात्रा 18 जनवरी (रविवार) को मां मनकामेश्वरी मंदिर से प्रारंभ होगी।
- प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर चलकर यह यात्रा 28 जनवरी (बुधवार) को जामों मार्ग स्थित शंकराचार्य कार्यालय पर समाप्त होगी।
- यात्रा का उद्देश्य जन-जन में गौसेवा और संरक्षण की भावना जागृत करना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में गो-धाम की स्थापना, और लोगों को गौ मतदाता संकल्प से जोड़ना है।
बैठक में सैकड़ों गौभक्त, समाजसेवी और क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख थे: कृष्णानंद पांडेय एडवोकेट, अनुराग तिवारी ‘विद्यमान’, उत्कर्ष शुक्ला, राजेश अग्रहरि, सत्यदेव सिंह, सूरज पांडे, अतुल तिवारी ‘सोनू’, सत्येंद्र यादव और जीत बहादुर यादव।बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने बच्चों और युवाओं को भी गौसेवा के महत्व और नैतिकता के बारे में मार्गदर्शन दिया।
बैठक में यह तय किया गया कि पदयात्रा के दौरान सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाएगा और प्रत्येक चरण में गौसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अमेठी में गौमाता के संरक्षण और सम्मान के लिए जनसंपर्क, जागरूकता और संगठनात्मक प्रयास को नई दिशा दी जा रही है। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर संकल्प लिया कि यह पदयात्रा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
