उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दहेज उत्पीड़न का एक मामला उस समय सुर्खियों में आ गया, जब महिला दरोगा पायल रानी ने अपने पति गुलशन कुमार और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

महिला दरोगा पायल रानी का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने पति के साथ-साथ ससुराल के अन्य सदस्यों पर भी दहेज की मांग और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला दरोगा की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पति गुलशन कुमार का पलटवार
वहीं, पति गुलशन कुमार ने पत्नी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। गुलशन का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत कर अपनी पत्नी को पढ़ाया-लिखाया और दरोगा बनने तक पूरा सहयोग किया।

उनका दावा है कि अब उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है।गुलशन कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी दहेज की मांग नहीं की और न ही पत्नी के साथ किसी तरह का उत्पीड़न किया। उनका कहना है कि वैवाहिक विवाद के चलते यह मामला तूल पकड़ रहा है और सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
हापुड़ पुलिस के अनुसार, महिला दरोगा की तहरीर पर आईपीसी की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है, इसलिए दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष नहीं माना जा सकता। सभी आरोपों की कानूनी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
