संवाददाता प्रवीण कुमार मिश्रा हमीरपुर जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देशानुसार जनपद की सरीला तहसील के विकासखंड गोहांड में गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी सरीला बलराम गुप्ता ने की, जिसमें जिले के विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, राठ विधायक मनीषा अनुरागी, गोहद नगर पंचायत अध्यक्ष अनीता सत्येंद्र राजपूत और पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुकेश राजपूत ने सक्रिय भूमिका निभाई और जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार ठंड से बचाव के लिए यह पहल समय पर जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।

कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने कंबल वितरण के साथ-साथ गरीब और असहाय परिवारों की स्थिति का आंकलन भी किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के गोहांड में कंबल वितरण अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि सर्दियों के दौरान किसी को भी ठंड से राहत न मिले। इसके अलावा, प्रशासन स्थानीय स्तर पर जरूरतमंदों की सूची तैयार कर उनकी मदद सुनिश्चित करेगा।
एसडीएम बलराम गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का संयुक्त प्रयास ही ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करता है। उन्होंने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।
इस दौरान कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि गोहांड में कंबल वितरण केवल एक राहत कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा और जनसुरक्षा की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का यह स्वरूप लोगों में सकारात्मक संदेश भी पहुँचाता है और जरूरतमंदों में आशा और सुरक्षा की भावना जगाता है।
अधिकारियों ने बताया कि ठंड से राहत अभियान लगातार जारी रहेगा और आगामी सर्दियों में भी गोहांड के विभिन्न गांवों में कंबल वितरण, गर्म कपड़े और आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया जाएगा। इस पहल से न केवल ठंड से सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सामाजिक एकता और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।
गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम ने दिखाया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से समाज के कमजोर वर्ग तक समय पर राहत पहुंचाई जा सकती है। इस तरह के पहल से सरीला तहसील और गोहांड विकासखंड के लोग सर्दियों के मौसम में सुरक्षित और संरक्षित रह सकेंगे।
