संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी (उत्तर प्रदेश) में किसानों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले में चल रही फर्जी खाद और कीटनाशक फैक्ट्री का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। इस अवैध कारोबार के तार कांग्रेस और अपना दल (एस) से जुड़े नेताओं के संरक्षण से जुड़े बताए जा रहे हैं। जिला अधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में छापेमारी कर इस गोरखधंधे का खुलासा किया।

कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
जिला कृषि अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार, एक नामी कंपनी के अधिकारियों ने जिलाधिकारी अमेठी से शिकायत की थी कि उनकी कंपनी के नाम से नकली खाद और कीटनाशक की पैकिंग और सप्लाई की जा रही है। शुरुआती शिकायत में स्थान की जानकारी नहीं मिल पाई थी, जिसके बाद कंपनी के एक प्रतिनिधि को डमी कैंडिडेट बनाकर भेजा गया। सूचना पुख्ता होने पर प्रशासनिक टीम ने मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ छापेमारी की।

छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में नकली डीएपी खाद, कीटनाशक और कच्चा माल बरामद किया गया। इनमें शामिल हैं लगभग 450 पैकेट नकली कीटनाशक ‘अल्ट्रा रिजेंट’ विभिन्न कंपनियों के कीटनाशक, जिनमें एडवांस एग्रो लाइफ प्रा. लि. के पैकेट एच.पी.एम. केमिकल्स एग्रोस्टार कंपनी के उत्पाद कच्चा माल 15 कट्टे सफेद पाउडर (498.39 किग्रा)1 कट्टा नीला पाउडर (258.30 किग्रा) 7 कट्टे काला पाउडर (187 किग्रा)इसके अलावा इफको और आईपीएल डीएपी के खाली बैग, बोतलें, पैकिंग सामग्री और हजारों की संख्या में नकली लेबल भी मिले।
प्रधानमंत्री की फोटो लगी बोरियां भी बरामद
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगी बोरियां भी मिलीं, जिनका इस्तेमाल किसानों को भरोसे में लेने और गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। प्रशासन का मानना है कि यह पूरी गतिविधि कीटनाशी अधिनियम 1968 और नियम 1960 का स्पष्ट उल्लंघन है।
राजनीतिक संरक्षण का आरोप
यह अवैध फैक्ट्री एक कांग्रेस नेता के निजी इंटर कॉलेज परिसर में संचालित हो रही थी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस से जुड़े एक बड़े नेता, जो शिक्षक एमएलसी का चुनाव भी लड़ रहे हैं, के परिसर में यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था। वहीं प्रारंभिक पूछताछ में एक मजदूर राम उजागिर यादव ने बताया कि उसे शिवम तिवारी नामक व्यक्ति ने 400 रुपये दिहाड़ी पर बुलाया था, जो खुद को अपना दल (एस) का जिला उपाध्यक्ष बता रहा है।
आगे की कार्रवाई
छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद मुख्य आरोपी फरार हो गए। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर कठोर कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। किसानों के साथ धोखाधड़ी के इस मामले ने एक बार फिर नकली खाद–कीटनाशक के खतरे को उजागर कर दिया है।
