Late Major Bipin Chandra Bhatt- लखनऊ – लखनऊ में नये साल का पहला दिन मेजर की बेटी अंजना के लिए खुशियों का संदेश लेकर आया। अंजना के पिता स्व. मेजर बिपिन चंद्र भट्ट थे और उनके निधन के बाद अंजना अकेली रह गई थी। पिछले कुछ समय से अंजना मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों से जूझ रही थीं और उन्हें सीजोफ्रेनिया के कारण रिहैब सेंटर में रखा गया था।हाल ही में अंजना के मकान पर चंदौली के बलवंत कुमार यादव और उनके सहयोगी मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा कर लिया था।

अंजना ने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्होंने 24 घंटे के भीतर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लखनऊ पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गुरुवार दोपहर तक अंजना को उनके मकान में कब्जा दिला दिया। मकान में प्रवेश करते ही अंजना भावुक हो उठीं और आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, “थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।”
अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट का निधन 1994 में हुआ था। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां थीं, जिनमें से केवल अंजना जीवित रहीं। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया।हाल ही में मकान पर कब्जा किए जाने के बाद अंजना ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी। उनके मकान पर बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेज और बोर्ड लगा दिया था। अंजना ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने दुख और समस्याओं को साझा किया, जिसके तुरंत बाद न्याय की प्रक्रिया शुरू हुई।
पुलिस और प्रशासन की तेज कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पुलिस ने आरोपी बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।अंजना के मकान में प्रवेश के समय पुलिस, सेना अधिकारी और स्थानीय प्रशासन मौजूद थे। अंजना ने हर कमरे में जाकर दीवारों को चूमा और घर के अंदर पुराने दिनों की यादों को ताजा किया। उन्होंने नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और आसपास की महिलाओं के साथ भावुक क्षण साझा किए।
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने अंजना को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आदेश दिए कि भूमि विवाद का समाधान तुरंत किया जाए और अंजाना को उनके अधिकारों से वंचित न किया जाए।अंजना की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकार और प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता नागरिकों को न्याय दिलाने में कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।
