CBI का बड़ा एक्शन: CGST झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अफसर, IRS अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार

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झांसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए CGST झांसी कार्यालय में चल रहे रिश्वतखोरी के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में आईआरएस अधिकारी समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दो अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।

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क्या है पूरा मामला?

सीबीआई ने इस मामले में 1.5 करोड़ रुपये की अवैध रिश्वत मांग को लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि CGST झांसी के अधिकारी एक निजी कंपनी को जीएसटी चोरी के मामलों में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले मोटी रकम की मांग कर रहे थे। शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया।

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कौन-कौन गिरफ्तार?

CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं प्रभा भंडारी – उप आयुक्त, CGST झांसी (IRS, 2016 बैच)अनिल तिवारी – अधीक्षक अजय कुमार शर्मा – अधीक्षक नरेश कुमार गुप्ता – अधिवक्ता राजू मंगतानी – निजी कंपनी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक सीबीआई के अनुसार, रिश्वत की रकम उप आयुक्त के निर्देश पर ली जा रही थी और पूरी डील को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।

70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए

CBI ने जाल बिछाकर दोनों अधीक्षकों को 70 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी हिरासत में लिया गया।

छापेमारी में क्या-क्या मिला?

गिरफ्तारी के बाद CBI ने कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें चौंकाने वाली बरामदगी हुई करीब 1.60 करोड़ रुपये नकद कई संपत्ति से जुड़े दस्तावेज सोने-चांदी के भारी जेवरात CBI अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान अभी भी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

सिस्टम पर सवाल

इस पूरे मामले ने कर विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वरिष्ठ IRS अधिकारी का नाम सामने आना इस घोटाले को और भी संवेदनशील बना देता है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाने की बात कर रही है।

आगे क्या?

CBI ने सभी आरोपियों को चिकित्सीय परीक्षण के बाद संबंधित न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल था।

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