बहराइच उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स खुद को यूपी सरकार का प्रमुख सचिव बताकर लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा कार से नेपाल में कसीनो खेलने जा रहा था। लेकिन भारत-नेपाल सीमा पर बहराइच जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे और उसके चार साथियों को पकड़ लिया।

प्रमुख सचिव बनकर दिखा रहा था रौब
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह अपनी इनोवा कार पर लाल-नीली बत्ती लगाकर खुद को यूपी सरकार का बड़ा अधिकारी बताता था। उसके साथ कार में मौजूद चार अन्य युवक—शुभम बाजपेई, अनमोल यादव, सचिन सिंह और स्वप्निल सहाय—भी इसी झूठी पहचान के सहारे सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे।
नेपाल में कसीनो खेलने की थी प्लानिंग
जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी नेपाल जाकर वहां के कसीनो में जुआ खेलने की योजना बना रहे थे। सरकारी अफसर होने का झांसा देकर वे चेकिंग से बचना चाहते थे, लेकिन बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा बलों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
भारत-नेपाल बॉर्डर पर ऐसे खुली पोल
बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा पर जब वाहन की गहन जांच की गई तो न तो कोई सरकारी दस्तावेज मिला और न ही किसी तरह का आधिकारिक पहचान पत्र। पूछताछ में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया।
फर्जीवाड़ा और सरकारी प्रतीकों के दुरुपयोग का मामला
पुलिस का कहना है कि यह मामला न सिर्फ फर्जी पहचान का है, बल्कि सरकारी पद और प्रतीकों के दुरुपयोग से भी जुड़ा है। लाल-नीली बत्ती का इस्तेमाल कर आम जनता और प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की गई।
आरोपियों से पूछताछ जारी
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले वे इस तरह की हरकतें और कहां-कहां कर चुके हैं। पुलिस ने इनोवा कार को भी जब्त कर लिया है।
प्रशासन की सख्ती
इस घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी अफसर बनकर सरकारी रुतबे का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीमा क्षेत्रों में चेकिंग और कड़ी की जा सकती है।
