औरैया | रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया जनपद में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने शुक्रवार को बी. बी. एस. स्मृति विद्यापीठ, आशानगर (जालौन रोड) में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया।

बच्चों के प्रदर्शन से अभिभावकों को गर्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर अभिभावकों को गर्व और खुशी का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का कार्य करते हैं।
सर्वांगीण विकास में सहायक हैं ऐसे आयोजन
मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में होने वाले वार्षिकोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों की समझ भी ऐसे आयोजनों से विकसित होती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।
होमगार्ड्स भर्ती पर स्पष्ट संदेश
मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने होमगार्ड्स भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक जरूर मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बांग्लादेश हिंसा पर मंत्री की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश में हालिया हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। बातचीत और शांति के रास्ते से ही किसी भी विवाद का हल निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा से केवल नुकसान होता है, चाहे वह किसी भी देश में हो।
कार्यक्रम में दिखा उत्साह
वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने नृत्य, गीत, नाटक और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर तालियों से गूंज उठा। अभिभावकों ने बच्चों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
