औरैया : दहेज विवाद और एसी को लेकर झगड़ा, बारात बिना दुल्हन लौट गई

✍️Amisha Sachan
औरैया : दहेज विवाद और एसी को लेकर झगड़ा, बारात बिना दुल्हन लौट गई

रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में एक शादी समारोह विवाद में बदल गया, जब एसी कमरे और दहेज की मांग को लेकर लड़की और लड़के पक्ष के बीच झगड़ा हो गया। घटना बिधूना कोतवाली क्षेत्र के गोपाल मैरिज होम में हुई। आरोप है कि लड़के पक्ष के लोगों ने महिलाओं समेत लड़की पक्ष के लोगों के साथ मारपीट की। इस झगड़े के बाद बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई, जिससे शादी अधूरी रह गई।

बारात और लगुन की रस्म

लड़की के भाई ने बताया कि 11 मार्च 2026 को कानपुर के पास परघई गांव से उदय पुत्र शिव शंकर की बारात बिधूना के गोपाल मैरिज होम आई थी। बारातियों का स्वागत परंपरा के अनुसार किया गया और उन्हें नाश्ता-पानी भी कराया गया। इसके बाद लगुन की रस्म भी पूरी की गई।

दहेज की मांग और एसी विवाद

लड़की पक्ष का आरोप है कि लगुन के समय लड़के पक्ष ने 5 लाख रुपये नकद की मांग की। लड़की पक्ष ने इसकी आपूर्ति में असमर्थता जताई, जिसके बाद मामला थोड़ी देर के लिए शांत हुआ। लेकिन बाद में एसी और रिमोट को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि बाराती ने रिमोट तोड़ दिया और फिर मारपीट शुरू कर दी।लड़की के भाई ने बताया कि लड़के पक्ष ने दोबारा 5 लाख रुपये की मांग की और कहा कि बिना पैसे शादी नहीं होगी। परिवार का कहना है कि पहले ही उन्होंने शादी की रस्मों में 21 डलिया फल, 21 जोड़ी कपड़े और करीब 1 लाख 80 हजार रुपये दे दिए थे, बावजूद इसके अतिरिक्त मांग की जा रही थी।

मारपीट और हंगामा

आरोप है कि करीब ढाई सौ लोगों की बारात ने हंगामा किया और लड़की के कमरे में घुसकर बदतमीजी की। लड़की की मौसी मोहिनी ने बताया कि बाराती जबरदस्ती एसी वाला कमरा लेने के लिए घुस आए और उनके भाई व जीजा के साथ मारपीट शुरू कर दी।इस हंगामे के बाद सुबह करीब चार बजे बाराती बिना शादी किए वापस लौट गए। लड़की पक्ष का कहना है कि इस घटना के कारण शादी अधूरी रह गई।

पुलिस और रिपोर्ट

घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे, लेकिन लड़की पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं सुनी और रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित परिवार की मांग

पीड़ित परिवार अब न्याय और उचित कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि समाज में दहेज और हिंसा की समस्याओं को भी उजागर करती हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में दहेज और विवाह के समय उत्पन्न विवाद आम हैं। प्रशासन और पुलिस को ऐसे मामलों में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि विवाह सुरक्षित और शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो सके।

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