रिपोर्टर – मनीष पटेल वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना का नाम ‘जी ग्राम जी’ कर दिया गया है, जो कि महात्मा गांधी का अपमान है।अजय राय ने बताया कि मनरेगा योजना का पुराना नाम महात्मा गांधी से जुड़ा था और इसके माध्यम से मजदूरों को रोजगार मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने योजना का नाम बदलकर देश के जनक महात्मा गांधी का अपमान किया है।

मनरेगा योजना का विरोध
अजय राय के अनुसार, कांग्रेस ने देशभर में उपवास और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूरों के अधिकारों को नजरअंदाज किया है और महीने से मजदूरों को मनरेगा में काम नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है।“हमने मनरेगा का नाम महात्मा गांधी से रखा था, जिन्होंने देश की आज़ादी दिलाई। मोदी सरकार ने इसे बदलकर जी ग्राम जी कर दिया है। यह पूरी तरह से महात्मा गांधी का अपमान है। आज हम इसका विरोध करते हुए उपवास कर रहे हैं,” अजय राय ने कहा।
प्रियंका गांधी का समर्थन
अजय राय ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रियंका जी का कल जन्मदिन पूरे देश में मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रियंका जी जहाँ चाहें वहाँ जा सकती हैं और उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने का काम किया जाएगा।अजय राय ने कहा, “प्रियंका जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश, बंगाल, केरल और अन्य राज्यों में चुनाव लड़ा जाएगा। उनके नेतृत्व में संगठन मजबूत हो रहा है और जनता तक कांग्रेस की आवाज़ पहुंचेगी।”
आगामी रैली का ऐलान
अजय राय ने वाराणसी में 8 फरवरी को बड़ी रैली करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रैली में कांग्रेस कार्यकर्ता और जनता बड़ी संख्या में शामिल होंगी। रैली का उद्देश्य कांग्रेस की नीतियों और महात्मा गांधी की याद को लोगों तक पहुँचाना है।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बयान ने मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अजय राय ने इसे महात्मा गांधी के अपमान के रूप में पेश किया और भाजपा सरकार पर श्रम कानूनों और मजदूर कल्याण की अनदेखी का आरोप लगाया।वाराणसी और पूरे उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे पर आगे भी बहस जारी रहने की संभावना है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वे महात्मा गांधी के नाम और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आंदोलन करते रहेंगे।
