Grah Pravesh Vastu Niyam: नई दिल्ली।भारतीय संस्कृति में वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) को घर की शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आधार माना गया है। यह सिर्फ़ दीवारों और दिशाओं का ज्ञान नहीं, बल्कि एक ऊर्जा विज्ञान है, जो हमारे जीवन को संतुलित और सुखद बनाता है।

गृह प्रवेश क्यों होता है खास?
जब कोई व्यक्ति नया घर बनाता है या खरीदता है, तो उसमें प्रवेश का दिन और समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर गृह प्रवेश (Grah Pravesh) शुभ मुहूर्त में किया जाए, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का आगमन होता है।

गृह प्रवेश के प्रमुख वास्तु नियम
- गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त चुनें:
पंचांग देखकर या किसी ज्योतिषी से परामर्श लेकर शुभ तिथि और नक्षत्र में प्रवेश करें। - मुख्य द्वार की दिशा:
घर का मुख्य द्वार पूर्व या उत्तर दिशा में होना शुभ माना जाता है। - कलश स्थापना:
गृह प्रवेश के दिन कलश में गंगाजल, आम्रपल्लव और नारियल रखकर घर के अंदर लाना शुभ होता है। - हवन और पूजा:
गृह प्रवेश से पहले गणेश पूजा और वास्तु शांति यज्ञ अवश्य करवाएं। - पहले कदम दाहिने पैर से रखें:
घर में प्रवेश करते समय हमेशा दाहिने पैर से पहला कदम रखें, यह मंगल का प्रतीक है। - साफ-सफाई और दीप प्रज्वलन:
घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए हर कोने में दीपक जलाएं और धूप-दीप से शुद्धिकरण करें।
🌸 क्या न करें गृह प्रवेश के समय
- शाम या रात के समय गृह प्रवेश न करें।
- घर खाली या गंदा छोड़कर प्रवेश न करें।
- झगड़ा या नकारात्मक बातें करने से बचें।
🏠 वास्तु के लाभ
अगर गृह प्रवेश वास्तु नियमों के अनुसार किया जाए, तो यह घर में शांति, समृद्धि, और खुशहाली लाता है। साथ ही नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो जाता है।
